संजय राउत के आरोपों पर तुकाराम मुंढे का जवाब, बोले- पैसे मांगने वाले अधिकारी की जानकारी और सबूत दें

एफडीए कमिश्नर ने कहा- अभी तक ऐसी कोई शिकायत नहीं मिली; गुटखा और बिना लाइसेंस तेल के खिलाफ कार्रवाई का भी दिया ब्योरा

राहुल गुप्ता
मुंबई, 29 सितंबर। महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) के आयुक्त तुकाराम मुंढे ने शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत की ओर से विभाग के कुछ अधिकारियों पर लगाए गए कथित वसूली के आरोपों पर जवाब दिया है। मुंढे ने कहा कि यदि किसी अधिकारी ने 10 या 12 हजार रुपये मांगे हैं तो इसकी जानकारी उन्हें दी जानी चाहिए। उनके मुताबिक, अभी तक इस तरह की कोई शिकायत उनके पास नहीं आई है और किसी अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई के लिए ठोस सबूत जरूरी हैं।

मुंढे ने कहा कि उन्होंने संजय राउत की प्रेस कॉन्फ्रेंस देखी थी। उनके अनुसार, राउत ने उनका अभिनंदन किया और उनकी ईमानदारी पर सवाल नहीं उठाया। प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद कई लोगों ने एफडीए से इस मामले में स्पष्टीकरण देने को कहा, इसलिए उन्होंने अपना पक्ष स्पष्ट किया।

‘सबूत दें, तभी होगी जांच’

मुंढे ने कहा कि यदि किसी अधिकारी ने पैसे मांगे हैं तो यह बताया जाना चाहिए कि किस अधिकारी ने किस व्यक्ति से रकम मांगी। उनके मुताबिक, ऑडियो, वीडियो या अन्य कोई ठोस सबूत उपलब्ध हो तो उसे सामने लाया जाए। उन्होंने कहा कि जानकारी और प्रमाण मिलने के बाद ही संबंधित अधिकारी के खिलाफ जांच या कार्रवाई की जा सकती है।

दरअसल, संजय राउत ने एफडीए आयुक्त को लिखे पत्र में आरोप लगाया था कि कुछ अधिकारी होटल, रेस्तरां और क्विक-कॉमर्स कारोबारियों को लाइसेंस रद्द करने की धमकी देकर कथित तौर पर पैसे मांग रहे हैं। राउत ने दावा किया था कि मुंढे के आयुक्त बनने से पहले क्लोजिंग नोटिस को बंद कराने के लिए कथित तौर पर 10 से 12 हजार रुपये लिए जाते थे, जबकि अब यह रकम 75 हजार से 2 लाख रुपये तक पहुंच गई है। ये आरोप राउत की ओर से लगाए गए हैं और स्वतंत्र रूप से साबित नहीं हुए हैं।

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अनुशासनात्मक कार्रवाई को लेकर भी दी सफाई

मुंढे ने कहा कि कुछ अधिकारियों के खिलाफ पहले ही अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा चुकी है, लेकिन वह कार्रवाई किसी अलग मामले से संबंधित थी। उसका राउत के पत्र, मौजूदा शिकायतों या कथित वसूली के आरोपों से कोई संबंध नहीं है।

उन्होंने कारोबारियों से अपील की कि यदि किसी अधिकारी ने उनसे अवैध रूप से पैसे मांगे हैं तो वे सीधे एफडीए को जानकारी दें या भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो से संपर्क करें। मुंढे के अनुसार, शिकायत करने वाले व्यक्ति की पहचान गोपनीय रखी जा सकती है।

गुटखा तस्करी पर 1.26 करोड़ रुपये की कार्रवाई

मुंढे ने महाराष्ट्र में गुटखा की अवैध आवाजाही के खिलाफ की गई कार्रवाई की जानकारी भी दी। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में गुटखा निर्माण की बात सामने नहीं आती, लेकिन दूसरे राज्यों से गुटखा महाराष्ट्र में लाया जा रहा है।

मुंढे के मुताबिक, दो दिन पहले हुई कार्रवाई में करीब 1.26 करोड़ रुपये का गुटखा जब्त किया गया। दो ट्रकों का पीछा किया गया और ठाणे से विशेष टीम को पालघर क्षेत्र में भेजा गया। मामले में चालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया गया है।

खामगांव में 3.51 करोड़ रुपये का तेल जब्त

बुलढाणा जिले के खामगांव में बिना लाइसेंस कारोबार किए जाने के मामले में करीब 3.51 करोड़ रुपये का तेल का स्टॉक जब्त किया गया है। एफडीए अब यह पता लगा रहा है कि यह उत्पाद किन लोगों या संस्थाओं को बेचा गया था।

मुंढे ने कहा कि कारोबार के लिए संबंधित सभी नियमों और विनियमों का पालन करना अनिवार्य है। बिना लाइसेंस कारोबार पाए जाने पर नियमों के तहत 10 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। इसके बाद मामले के अनुसार 5 लाख और 3 लाख रुपये तक के जुर्माने की कार्रवाई भी संभव है।

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