महाराष्ट्र में सूखा प्रभावित किसानों को अग्रिम सहायता देने की तैयारी, सरकार का लक्ष्य पात्र किसानों तक दिवाली से पहले रकम पहुंचाना।
राहुल गुप्ता
मुंबई, 14 अक्टूबर। महाराष्ट्र में सूखा प्रभावित किसानों को दिवाली से पहले आर्थिक राहत देने की तैयारी की जा रही है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने किसानों को 5,000 रुपये की अग्रिम सहायता देने का फैसला किया है। रिपोर्ट के मुताबिक, करीब 1 से 1.25 करोड़ किसानों के बैंक खातों में सीधे रकम जमा करने की योजना है। इस पर लगभग 6,000 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा है कि सरकार किसानों की दिवाली फीकी नहीं होने देगी।
किन किसानों को मिल सकती है सहायता?
राज्य सरकार के मुताबिक, दिवाली से पहले उन किसानों को सहायता देने की योजना है, जिनकी फसल के नुकसान का पंचनामा पूरा हो चुका है। राहत के लिए फसल को हुए नुकसान और पंचनामे को प्रमुख आधार माना जा रहा है।
रिपोर्ट के अनुसार, संबंधित अवधि तक राज्य में 81 प्रतिशत पंचनामे पूरे हो चुके थे। सरकार की कोशिश है कि बाकी पंचनामे भी जल्द पूरे कर पात्र किसानों तक सहायता पहुंचाई जाए।
रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि महाराष्ट्र में पहली बार सूखा प्रभावित किसानों को अग्रिम सहायता के रूप में न्यूनतम 5,000 रुपये देने की तैयारी है। इससे पहले अंतिम सहायता के तौर पर न्यूनतम 1,000 रुपये दिए जाने का उल्लेख किया गया है।
आचार संहिता पर अधिकारियों को मुख्यमंत्री की चेतावनी
सूखे से निपटने के उपायों पर हुई बैठक में आचार संहिता का मुद्दा भी उठा। कुछ मंत्रियों ने शिकायत की कि आचार संहिता लागू होने का हवाला देकर अधिकारी बैठकों में शामिल नहीं हो रहे हैं और चुनाव आयोग की अनुमति की बात कह रहे हैं।
सूत्रों के मुताबिक, इस पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि यदि कोई अधिकारी आचार संहिता का कारण बताकर सूखे से संबंधित बैठक में शामिल नहीं हो रहा है, तो उसका नाम बताया जाए। ऐसे अधिकारियों को निलंबित किया जा सकता है।
फडणवीस ने कथित तौर पर स्पष्ट किया कि सूखे से निपटने के उपायों पर चर्चा करने और राहत के कदम लागू करने के लिए चुनाव आयोग की अनुमति लेने की जरूरत नहीं है। उन्होंने मंत्रियों से अपने अधिकारों का इस्तेमाल करने को भी कहा।
गौरतलब है कि राज्य सरकार ने पहले महाराष्ट्र के 265 तालुकों को सूखा प्रभावित घोषित किया था। रिपोर्ट के अनुसार, इससे राज्य के करीब 75 प्रतिशत हिस्से के प्रभावित होने की बात कही गई थी।
‘किसानों की दिवाली फीकी नहीं होने देंगे’
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने सहायता के फैसले पर कहा कि सरकार ने किसानों की दिवाली फीकी नहीं होने देने का वादा किया था और इसी वादे को पूरा करने के लिए दिवाली से पहले उनके बैंक खातों में 5,000 रुपये जमा करने का निर्णय लिया गया है।
उन्होंने यह भी कहा कि किसानों को आगे भी आर्थिक सहायता दी जाएगी, लेकिन दिवाली के लिए 5,000 रुपये देने का फैसला किया गया है।
हालांकि, सहायता की अंतिम पात्रता, भुगतान की तारीख और राशि के वितरण से संबंधित आधिकारिक विवरण की पुष्टि होने के बाद ही किसानों को मिलने वाली वास्तविक राहत स्पष्ट होगी।
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