न्यूज़म ब्यूरो
भाईंदर, 3 सितंबर।एमबीवीवी क्राइम यूनिट-4 ने अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी के एक बड़े रैकेट का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने तीन राज्यों—महाराष्ट्र, गुजरात और उत्तर प्रदेश—में छापेमारी कर 69 किलो 759 ग्राम तैयार एमडी ड्रग, 260 लीटर केमिकल और ड्रग बनाने वाली पूरी लैब जब्त की है। इस मामले में 21 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। जब्त माल की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में करीब 139 करोड़ रुपये आंकी गई है। यह कार्रवाई अब तक की सबसे बड़ी ड्रग बरामदगी में से एक मानी जा रही है।
नालासोपारा से खुला ड्रग नेटवर्क का राज
जांच की शुरुआत नालासोपारा से हुई। पुलिस ने अविनाश अय्यर और रविकांत ओमप्रकाश राम को प्रगति नगर, नालासोपारा से हिरासत में लिया। उनके पास से 3 लाख 36 हजार रुपये मूल्य की 112 ग्राम प्रतिबंधित एमडी ड्रग बरामद की गई। पूछताछ के दौरान आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने नेटवर्क की अन्य कड़ियों को जोड़ना शुरू किया।
कच्छ के खेत में चल रही थी ड्रग फैक्ट्री
जांच में सामने आया कि गिरफ्तार आरोपी शान गजाली, मोइनुद्दीन शब्बीर पटेल, अदनान रज्जाक जुनेजा, धवलपुरी गोस्वामी, मोहम्मद बिलाल मलकानी, फैजान मलकानी और शाहनवाज उर्फ शानू ने गुजरात के कच्छ में गिरफ्तार आरोपी जुम्मा ठाकरा के खेत में ड्रग बनाने की फैक्ट्री लगाई थी। क्राइम ब्रांच की टीम ने वहां छापा मारकर फैक्ट्री को सील किया और जुम्मा ठाकरा को गिरफ्तार कर लिया।
नेरल में लैब का सामान छिपाने की कोशिश
जांच में सामने आया कि जालिम गैंग का गुर्गा आर्यन सैयद ने नेरल (रायगढ़) में एमडी ड्रग बनाने के लिए केमिकल और अन्य लैब सामग्री जमा की थी। पुलिस कार्रवाई की भनक लगने के बाद उसने जाहिद शेख उर्फ जावेद भाई के साथ मिलकर सारा सामान विरार-जेएनपीटी एक्सप्रेसवे पर स्थित रायते गांव के पास फेंककर नष्ट करने का प्रयास किया। हालांकि, क्राइम ब्रांच ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया और उनकी निशानदेही पर घटनास्थल से पूरा सामान बरामद कर लिया।
कुर्ला से जलगांव तक फैला था बिक्री का नेटवर्क
जांच के दौरान मुंबई सहित अन्य इलाकों में ड्रग्स की तस्करी करने वाले आरोपी हसीब सिद्दीकी उर्फ एजाज मर्चेंट को कुर्ला से गिरफ्तार किया गया। उसके पास से 11 किलो 804 ग्राम एमडी ड्रग और 18 लाख 70 हजार रुपये नकद बरामद किए गए। पूछताछ में पता चला कि उसने जलगांव में मोइनुद्दीन उस्मान बादशाह उर्फ मोइन के जरिए ड्रग्स की तस्करी की थी। इसके बाद रहीम ताहेर पिंजरी और सैयद मुशैद अली को जलगांव से गिरफ्तार कर उनके पास से 4 किलो 911 ग्राम एमडी ड्रग बरामद की गई।
प्रयागराज के खेत में मिला सबसे बड़ा जखीरा
जांच की कड़ियां जुड़ती गईं तो पता चला कि जब्त ड्रग्स उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के रजनीश मिश्रा और शिवधन मिश्र से खरीदा गया था। क्राइम ब्रांच की टीम ने दोनों को हिरासत में लेकर उनकी निशानदेही पर प्रयागराज के मेजा तहसील के एक गांव में किराये पर लिए गए खेत में पहुंचकर कार्रवाई की। दोनों ने खेत में ड्रग बनाने की अवैध फैक्ट्री स्थापित की थी। पुलिस ने फैक्ट्री को सील कर वहां से 52 किलो 932 ग्राम एमडी ड्रग, 260 लीटर रसायन और अन्य प्रतिबंधित सामग्री जब्त की।
बॉक्स | 139 करोड़ का माल जब्त, 21 आरोपी गिरफ्तार
पुलिस कमिश्नर निकेत कौशिक ने जानकारी देते हुए बताया कि कार्रवाई के दौरान अब तक कुल 69 किलो 759 ग्राम एमडी ड्रग, 260 लीटर केमिकल, लैब उपकरण और नकदी सहित कुल 139 करोड़ रुपये का माल जब्त किया गया है। इस पूरे मामले में अब तक 21 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। ये गिरफ्तारियां मुंबई, नालासोपारा, कल्याण, नेरल, जलगांव, गुजरात और उत्तर प्रदेश से की गई हैं। इनमें ड्रग तस्कर, बिचौलिए और फाइनेंसर शामिल हैं।
अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की भी जांच
प्रथम दृष्टया स्पष्ट है कि सभी आरोपी एक संगठित गिरोह के रूप में काम कर रहे थे। प्रारंभिक जांच में इस रैकेट के अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन भी सामने आए हैं। कच्छ और उत्तर प्रदेश में एमडी ड्रग तैयार कर मुंबई, ठाणे, रायगढ़ और जलगांव में इसकी तस्करी करने वाले इस नेटवर्क की गहन जांच जारी है।
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