मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा- सरकार की योजनाओं से मुंबई में जमीन का बेहतर इस्तेमाल होगा, धारावी में 2029 की शुरुआत तक 10 हजार पुनर्वास घर तैयार करने का लक्ष्य; 2047 तक 1.5 ट्रिलियन डॉलर की MMR अर्थव्यवस्था का दावा
Rahul Gupta
मुंबई, 4 सितंबर।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मुंबई को अगले 10 वर्षों में स्लम मुक्त बनाने का भरोसा जताया है। उन्होंने मुंबई में नेशनल रियल एस्टेट डेवलपमेंट काउंसिल महाराष्ट्र के सम्मेलन में कहा कि सरकार मुंबई के विकास को बड़े स्तर पर आगे बढ़ाने की दिशा में काम कर रही है। इसके तहत धारावी का पुनर्विकास और पुराने इलाकों के लिए क्लस्टर आधारित पुनर्विकास मॉडल अहम भूमिका निभाएगा।
अगले 10 साल में मुंबई को स्लम मुक्त करने का लक्ष्य
देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि सरकार की ओर से उठाए गए कदमों के आधार पर उन्हें भरोसा है कि अगले 10 वर्षों में मुंबई को स्लम मुक्त बनाया जा सकता है। सरकार ने मुंबई को कई क्लस्टर में बांटा है, जिनके जरिए पुराने और जर्जर इलाकों का पुनर्विकास किया जाएगा।
मुख्यमंत्री के मुताबिक, क्लस्टर आधारित मॉडल से जमीन का अधिक प्रभावी इस्तेमाल किया जा सकेगा। साथ ही इससे रियल एस्टेट क्षेत्र में नए विकास के अवसर भी पैदा होंगे।
धारावी में 10 हजार घर तैयार करने की डेडलाइन
धारावी का पुनर्विकास इस पूरी योजना का प्रमुख हिस्सा है। फडणवीस ने कहा कि सरकार ने धारावी में 10 हजार घर तैयार करने की समयसीमा तय की है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वह 2029 की शुरुआत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धारावी के पुनर्वास के लिए तैयार किए गए 10 हजार घर सौंपना चाहते हैं। सरकार का जोर पुनर्विकास के साथ वहां रहने वाले लोगों के पुनर्वास पर भी है।
कमर्शियल स्पेस, म्यूजियम और खेल मैदान भी बनेंगे
फडणवीस के मुताबिक, मुंबई का पुनर्विकास केवल नए आवास बनाने तक सीमित नहीं रहेगा। प्रमुख जमीनों पर मिक्स्ड-यूज डेवलपमेंट को बढ़ावा दिया जाएगा।
इसके तहत कमर्शियल स्पेस के साथ म्यूजियम, खेल के मैदान और मनोरंजन से जुड़े क्षेत्र विकसित किए जाएंगे। इसके अलावा बेहतर परिवहन ढांचा तैयार करने पर भी जोर रहेगा।
पुराने डिपो की जमीनों का होगा कायाकल्प
मुख्यमंत्री ने मुंबई के पुराने डिपो की जमीनों के पुनर्विकास का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इनके कायाकल्प के लिए योजनाएं और रिपोर्ट तैयार की गई हैं।
फडणवीस के मुताबिक, इन जमीनों का इस्तेमाल आधुनिक परिवहन सुविधाओं के विकास के साथ मिक्स्ड-यूज डेवलपमेंट के लिए भी किया जा सकेगा। इससे मुंबई में उपलब्ध कीमती जमीन का बेहतर उपयोग होने की उम्मीद है।
मुंबई से बाहर नए आर्थिक केंद्र विकसित करने की तैयारी
फडणवीस ने महाराष्ट्र के शहरी विकास की व्यापक योजना भी सामने रखी। उन्होंने कहा कि मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन, पुणे मेट्रोपॉलिटन रीजन और नागपुर राज्य में शहरीकरण के अगले चरण के प्रमुख इंजन बनेंगे।
नए आर्थिक केंद्र विकसित करने के लिए प्रस्तावित ऑफशोर एयरपोर्ट, मुंबई-नागपुर कनेक्टिविटी नेटवर्क, बुलेट ट्रेन कॉरिडोर और बड़े नए बंदरगाह जैसी परियोजनाओं का भी उन्होंने उल्लेख किया।
डेवलपर्स से नई तकनीक और एआई अपनाने की अपील
मुख्यमंत्री ने रियल एस्टेट डेवलपर्स से नई निर्माण तकनीकों और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि तकनीक के इस्तेमाल से विकास प्रक्रिया में पूर्वानुमान और जवाबदेही को बेहतर बनाया जा सकता है।
फडणवीस का कहना है कि भविष्य के शहरी विकास में तकनीक की भूमिका लगातार बढ़ेगी और इससे शहरों को बेहतर तरीके से नियोजित करने में मदद मिलेगी।
2047 तक 1.5 ट्रिलियन डॉलर की MMR अर्थव्यवस्था का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2047 तक मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन की अर्थव्यवस्था 1.5 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि शहरीकरण विकास की हर कहानी का महत्वपूर्ण हिस्सा है और इसे बेहतर तरीके से प्रबंधित करना जरूरी है।
फडणवीस के मुताबिक, एमएमआर पहले ही डेटा सेंटर के बड़े हब के रूप में उभर चुका है। उनका दावा है कि अगले 10 वर्षों में यह भारत के सबसे अधिक आबादी वाले और बेहतर नियोजित क्षेत्रों में से एक होगा।
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