CJP के सदस्य मनीष ब्रह्मभट्ट ने दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पार्टी से अलग होने का ऐलान किया, ‘कॉकरोच जनता पार्टी-डेमोक्रेटिक’ बनाने की घोषणा; अभिजीत दीपके ने केजरीवाल से सांठगांठ के आरोपों को किया खारिज
Rahul Gupta
नई दिल्ली, 4 सितंबर।
राजनीति से दूर रहने का दावा करने वाली कॉकरोच जनता पार्टी यानी सीजेपी में अब अंदरूनी बगावत सामने आ गई है। पेपर लीक आंदोलन से जुड़े पार्टी के सदस्य मनीष ब्रह्मभट्ट ने पार्टी से अलग होने का ऐलान करते हुए एक नए राजनीतिक संगठन के गठन की घोषणा की है। उन्होंने नई पार्टी का नाम ‘कॉकरोच जनता पार्टी-डेमोक्रेटिक’ यानी सीजेपी-डी रखा है।
ब्रह्मभट्ट ने पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके और उनके साथियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि आंदोलन की सफलता के बाद जमीनी कार्यकर्ताओं और छात्रों की अनदेखी की गई और संगठन अब ‘टीम केजरीवाल’ में बदल गया है।
12 सदस्यीय राष्ट्रीय टीम पर उठाए सवाल
मनीष ब्रह्मभट्ट ने आरोप लगाया कि आंदोलन की सफलता के बाद बनाई गई 12 सदस्यीय राष्ट्रीय टीम के गठन में जमीनी कार्यकर्ताओं, छात्रों और सोशल मीडिया वॉलंटियर्स से कोई सलाह नहीं ली गई। उन्होंने दावा किया कि नई टीम के 8 सदस्य आम आदमी पार्टी से जुड़े हुए हैं और इसका गठन अरविंद केजरीवाल के राजनीतिक हितों को ध्यान में रखकर किया गया है।
ब्रह्मभट्ट ने कहा कि आंदोलन देश का था, लेकिन सफलता मिलने के बाद इसे बेच दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस आंदोलन में अलग-अलग राजनीतिक दलों से जुड़े युवाओं ने हिस्सा लिया था, उन्हें नई टीम में प्रतिनिधित्व नहीं दिया गया।
महिला, सिख और मुस्लिम चेहरों को भी जगह नहीं देने का आरोप
ब्रह्मभट्ट ने दावा किया कि आंदोलन में शिवसेना, समाजवादी पार्टी, राष्ट्रीय जनता दल, बीजेपी, कांग्रेस और एनसीपी से जुड़े युवाओं ने हिस्सा लिया था। इसके बावजूद नई राष्ट्रीय टीम में इनमें से किसी को उचित जगह नहीं मिली।
उन्होंने महिला, सिख और मुस्लिम चेहरों की अनदेखी का भी आरोप लगाया। ब्रह्मभट्ट के मुताबिक, जिस आंदोलन की शुरुआत पेपर लीक के खिलाफ हुई थी, उसके नेतृत्व ने अब मेरिट और व्यापक प्रतिनिधित्व को किनारे कर दिया है।
‘सीजेपी-डी में हर राज्य की आवाज को मिलेगी जगह’
नई पार्टी के गठन का ऐलान करते हुए मनीष ब्रह्मभट्ट ने कहा कि सीजेपी-डी को एक लोकतांत्रिक और राष्ट्रव्यापी संगठन बनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि संगठन में हर राज्य के स्थानीय आंदोलनकारियों और वॉलंटियर्स में से पांच-पांच प्रतिनिधियों को चुना जाएगा।
उनका कहना है कि इस व्यवस्था का उद्देश्य अलग-अलग राज्यों में सक्रिय आंदोलनकारियों और कार्यकर्ताओं को निर्णय प्रक्रिया में बराबर प्रतिनिधित्व देना है।
अभिजीत दीपके ने आरोपों को किया खारिज
वहीं, अभिजीत दीपके ने अरविंद केजरीवाल से सांठगांठ और आम आदमी पार्टी की बी टीम होने जैसे आरोपों को खारिज किया है। दीपके ने कहा कि उनकी पार्टी केवल छात्रों की ‘ए टीम’ है और किसी अन्य सीजेपी का उनकी पार्टी से कोई संबंध नहीं है।
दीपके ने कहा कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उन्हें कांग्रेस की ‘बी टीम’ बताते हैं, जबकि कुछ लोग आम आदमी पार्टी की ‘बी टीम’ होने का आरोप लगाते हैं। उनके मुताबिक, इन नेताओं को साथ बैठकर यह तय कर लेना चाहिए कि सीजेपी किसकी बी टीम है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी सिर्फ और सिर्फ छात्रों की ‘ए टीम’ है।
कैसे शुरू हुई थी कॉकरोच जनता पार्टी की मुहिम?
कॉकरोच जनता पार्टी की मुहिम महाराष्ट्र के अभिजीत दीपके ने देश के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत के एक बयान के विरोध में शुरू की थी। ऑनलाइन शुरू हुई इस मुहिम से देखते ही देखते बड़ी संख्या में लोग जुड़ गए।
इसके बाद कॉकरोच जनता पार्टी ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक के खिलाफ आंदोलन की अगुवाई की। आंदोलन के बाद संगठन लगातार चर्चा में रहा और अब पार्टी के भीतर ही अलग गुट के गठन ने इसे फिर सुर्खियों में ला दिया है।
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