राहुल गुप्ता
नागपुर, 28 सितंबर। महाराष्ट्र में बारिश की कमी से पैदा हुई सूखे की स्थिति से निपटने के लिए राज्य की 358 में से 265 तहसीलों को सूखाग्रस्त घोषित किया गया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि सूखे की स्थिति में कोई भी व्यक्ति सरकारी मदद से वंचित नहीं रहेगा। जिन तहसीलों को अभी सूखे की सूची में शामिल नहीं किया गया है, उनकी भी जांच कर जरूरत पड़ने पर ट्रिगर-3 के तहत सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
फसल नुकसान की प्रक्रिया पूरी होने के बाद मिलेगी मदद
मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि सूखाग्रस्त किसानों को फसल नुकसान के आकलन और निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने के बाद सहायता दी जाएगी। राज्य सरकार ने 265 तहसीलों में सूखे की स्थिति घोषित करने के साथ राहत के लिए 12 उपाय और रियायतें लागू की हैं। फसल नुकसान का पंचनामा भी कराया जा रहा है।
फडणवीस के अनुसार, जिन तहसीलों में अभी सूखा घोषित नहीं किया गया है, वहां भी स्थिति की जांच की जाएगी। जरूरत पड़ने पर उन्हें ट्रिगर-3 के तहत शामिल कर सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
पेयजल को दी जाएगी सबसे पहले प्राथमिकता
दुष्काळ प्रभावित तहसीलों में पेयजल की उपलब्धता को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक जिले के लिए अलग कार्ययोजना तैयार की गई है। इसके तहत सबसे पहले लोगों के लिए पीने का पानी सुरक्षित रखने पर ध्यान दिया जाएगा।
सरकार उपलब्ध जलसाठे की स्थिति को देखते हुए जुलाई-अगस्त 2027 तक पेयजल के लिए आवश्यक पानी आरक्षित रखने की योजना पर काम कर रही है। इसके बाद उपलब्ध अतिरिक्त पानी का इस्तेमाल रबी की फसलों या उद्योगों के लिए किया जा सकता है। हालांकि, इसका फैसला जिले और तहसील में उपलब्ध पानी की स्थिति के आधार पर किया जाएगा।
अल नीनो की स्थिति पर भी सरकार की नजर
मुख्यमंत्री ने अल नीनो के संभावित प्रभाव को लेकर भी तैयारी की बात कही। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, अल नीनो के प्रभाव और उससे पैदा होने वाली संभावित जल एवं मौसम संबंधी परिस्थितियों का अध्ययन किया जा रहा है। फडणवीस ने कहा है कि संभावित स्थिति से निपटने के लिए जरूरी उपायों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जा रहा है।
सूखा प्रभावित इलाकों के लिए लोगों से सहयोग की अपील
फडणवीस ने आम लोगों से भी सूखे की स्थिति से निपटने में सहयोग करने की अपील की है। उन्होंने लोगों से अनावश्यक खर्च से बचने और सूखाग्रस्त क्षेत्रों की मदद के लिए आगे आने को कहा।
मुख्यमंत्री ने गड़चिरोली के भामरागढ़ क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में हुई भारी बारिश के कारण वहां बाढ़ की स्थिति बनी थी। प्रशासन की ओर से प्रभावित लोगों को सहायता उपलब्ध कराई जा रही है और स्थिति धीरे-धीरे सामान्य होने की जानकारी दी गई है।
पढ़ने के लिए धन्यवाद
आपका समय और भरोसा हमारे लिए बहुत मायने रखता है। अगर यह खबर आपके लिए उपयोगी रही, तो हमसे जुड़े रहें — हर ज़रूरी खबर के लिए Newsam को फ़ॉलो करें।