दादी के निधन के बाद दिल्ली से मुंबई पहुंचे अभिजीत दिपके ने हिरासत के दौरान फोन और वकील से बात नहीं करने देने का आरोप लगाया। उन्होंने जल्द आंदोलन शुरू करने की बात कही।
राहुल गुप्ता
मुंबई, 11 अक्टूबर। दिल्ली से मुंबई पहुंचे सिटिजन्स फॉर जस्टिस एंड पीस (सीजेपी) से जुड़े अभिजीत दिपके ने आते ही आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया है। उन्होंने दिल्ली पुलिस पर हिरासत के दौरान अमानवीय व्यवहार करने और परिवार के सदस्यों तथा वकील से बात नहीं करने देने के आरोप लगाए। दिपके ने कहा कि वह और उनके सहयोगी कार्रवाई से डरने वाले नहीं हैं और जल्द ही सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करेंगे।
दादी के निधन की सूचना देने के तरीके पर उठाए सवाल
अभिजीत दिपके ने आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस ने उन्हें तड़के करीब 3:30 बजे उनकी दादी के निधन की सूचना दी। उनके मुताबिक, पुलिस ने कहा था कि उनकी बात माता-पिता से कराई जाएगी, लेकिन उन्होंने अपने भाई से बात करने की मांग की तो फोन नहीं दिया गया। दिपके ने दावा किया कि उन्होंने वकील से बात करने के लिए भी फोन मांगा, लेकिन इसकी अनुमति नहीं दी गई।
उन्होंने आरोप लगाया कि दादी के निधन के बाद भी उन्हें परिवार से संपर्क करने में परेशानी हुई। दिपके के मुताबिक, उन्होंने केवल दो मिनट के लिए अपना फोन मांगा था, लेकिन पुलिस ने फोन नहीं दिया और न ही वकील से बात करने दी। ये सभी आरोप दिपके ने पुलिस पर लगाए हैं।
जल्द सड़क पर उतरकर आंदोलन करने का ऐलान
आंदोलन को लेकर पूछे गए सवाल पर दिपके ने कहा कि उन्होंने किसी को भी आंदोलन नहीं करने का लिखित आश्वासन नहीं दिया है। उन्होंने कहा कि वह जल्द ही अपने सहयोगियों के साथ सड़क पर उतरेंगे और विरोध प्रदर्शन करेंगे।
दिपके ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए उन पर तानाशाही का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के समर्थन में कार्रवाई के दौरान दिल्ली में सड़कें और मेट्रो सेवाएं बंद की गईं। उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि विरोध प्रदर्शन करने वाले लोगों को विमान से हिरासत में लेने की जरूरत क्यों पड़ी।
उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार उद्योगपति गौतम अडानी को लाभ पहुंचा रही है और यदि विरोध नहीं किया गया तो देश के हितों को नुकसान पहुंचेगा। ये राजनीतिक आरोप दिपके के बयान का हिस्सा हैं।
दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर फिर उठाए सवाल
दिपके ने आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस ने उन्हें और उनके सहयोगियों को गैरकानूनी तरीके से हिरासत में लिया था। उन्होंने पुलिसकर्मियों के व्यवहार पर सवाल उठाते हुए कहा कि किसी भी परिस्थिति में प्रदर्शनकारियों के साथ ऐसा व्यवहार नहीं होना चाहिए।
उन्होंने पुलिस अधिकारियों की पदोन्नति का जिक्र करते हुए एसीपी विवेक भगत को अतिरिक्त डीसीपी के पद पर तैनात किए जाने का भी दावा किया। दिपके ने कहा कि हिरासत में लेने और दबाव बनाने जैसी कार्रवाई से उनका आंदोलन नहीं रुकेगा।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का उल्लेख करते हुए पुलिस से सवाल किया कि क्या राजनीतिक नेतृत्व को खुश करने के लिए किसी छात्र के खिलाफ हिंसा भी उचित ठहराई जाएगी। दिपके ने कहा कि उनका उद्देश्य देश के लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा करना है और इसके लिए वह आंदोलन जारी रखेंगे।
दिपके के आरोपों पर दिल्ली पुलिस का पक्ष इस खबर में उपलब्ध जानकारी में शामिल नहीं है। इसलिए हिरासत के दौरान कथित व्यवहार और कार्रवाई की वैधता से जुड़े दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
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