राज्य सरकार महिलाओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देगी, नवरात्रोत्सव में शामिल महिलाओं के साथ किसी भी तरह का दुर्व्यवहार या छेड़छाड़ स्वीकार नहीं की जाएगी
न्यूज़म ब्यूरो
मुंबई, 12 अक्टूबर। महाराष्ट्र के मत्स्य पालन एवं बंदरगाह विकास मंत्री नितेश राणे ने नवरात्रि के दौरान गरबा और डांडिया आयोजनों में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सख्त चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि त्योहार के दौरान महिलाओं से छेड़छाड़ करने, गलत पहचान बताकर कार्यक्रमों में शामिल होने या धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
महिलाओं की सुरक्षा से समझौता नहीं
मंत्री नितेश राणे ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देती है। नवरात्रोत्सव में शामिल महिलाओं के साथ किसी भी तरह का दुर्व्यवहार या छेड़छाड़ स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कथित तौर पर गलत पहचान बताकर गरबा और डांडिया कार्यक्रमों में शामिल होने तथा इसे ‘लव जिहाद’ से जोड़ने के आरोपों पर भी कड़ा रुख अपनाया।
आयोजकों से सतर्क रहने की अपील
राणे ने कहा कि नवरात्रि के दौरान आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में आयोजकों को सतर्क रहना चाहिए, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोका जा सके। उन्होंने चेतावनी दी कि महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अपने बयान में कहा कि गलत गतिविधियों में शामिल लोगों को पुलिस कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।
‘घर वापसी’ का भी किया उल्लेख
मंत्री ने अपने संबोधन में ‘घर वापसी’ का जिक्र करते हुए हिंदू धर्म में लौटने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि नवरात्रि के धार्मिक और सांस्कृतिक स्वरूप का सम्मान किया जाना चाहिए। उनके बयान में गरबा और डांडिया कार्यक्रमों में शामिल होने वालों से अपनी पहचान स्पष्ट रखने तथा धार्मिक परंपराओं का सम्मान करने पर जोर दिया गया।
नवरात्रि के दौरान महिलाओं की सुरक्षा और धार्मिक आयोजनों की व्यवस्था को लेकर राणे का यह बयान राजनीतिक और सामाजिक चर्चा का विषय बन सकता है। हालांकि, गलत पहचान या ‘लव जिहाद’ से जुड़े आरोपों के मामलों में किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने के लिए तथ्यों और संबंधित शिकायतों की जांच आवश्यक है।
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