
कांग्रेस और राहुल गांधी के लगातार दबाव के बाद मोदी सरकार ने जातिगत जनगणना की घोषणा की
रीमा सिंह
मुंबई, 8 सितंबर।
कांग्रेस कार्यसमिति के सदस्य और मध्य प्रदेश प्रभारी विधायक हरीश चौधरी ने मांग की है कि देश में होने वाली जातिगत जनगणना में OBC वर्ग के लिए स्पष्ट रूप से अलग कॉलम रखा जाए और पूरी प्रक्रिया तेलंगाना के जातिगत सर्वे के पैटर्न पर की जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार जातिगत जनगणना के मूल उद्देश्य से भटक रही है और देश के सामने जातियों की सटीक संख्या के आंकड़े नहीं लाना चाहती।
OBC के लिए अलग कॉलम की मांग
टिळक भवन में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल और हरीश चौधरी की संयुक्त पत्रकार वार्ता हुई। इस दौरान चौधरी ने कहा कि जनगणना के आवेदन में SC और ST वर्ग के लिए अलग-अलग उल्लेख किया गया है, लेकिन OBC वर्ग के लिए अलग कॉलम का प्रावधान नहीं है। उन्होंने कहा कि जातिगत जनगणना तभी सार्थक होगी, जब इसमें OBC वर्ग की स्पष्ट पहचान और आंकड़े दर्ज किए जाएं।
राहुल गांधी के दबाव से हुई घोषणा : चौधरी
हरीश चौधरी ने कहा कि जनगणना वर्ष 2021 में ही होनी चाहिए थी, लेकिन कोविड का हवाला देकर इसे टाल दिया गया। कांग्रेस और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने लगातार जातिगत जनगणना की मांग उठाई। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कई बार पत्र लिखकर जातिगत जनगणना कराने की मांग की, लेकिन उन्हें कोई जवाब नहीं मिला। कांग्रेस के लगातार दबाव के बाद मोदी सरकार को वर्ष 2025 में जातिगत जनगणना के लिए अधिसूचना जारी करनी पड़ी।
‘जिसकी जितनी आबादी, उसकी उतनी हिस्सेदारी’
चौधरी ने कहा कि कांग्रेस की स्पष्ट नीति है—‘जिसकी जितनी आबादी, उसकी उतनी हिस्सेदारी।’ देश की सरकारी योजनाओं और संसाधनों का लाभ प्रत्येक सामाजिक वर्ग को उसकी आबादी के अनुपात में मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि इसी उद्देश्य से राहुल गांधी ने जातिगत जनगणना की मांग को मजबूती से उठाया है।
सटीक आंकड़ों से ही सामाजिक न्याय संभव
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि जातिगत जनगणना की घोषणा के बावजूद केंद्र सरकार इसके मूल उद्देश्य को कमजोर कर रही है। उन्होंने कहा कि देश में विभिन्न सामाजिक समूहों की वास्तविक संख्या और उनका प्रतिनिधित्व कितना है, यह जानना जरूरी है। सटीक आंकड़े उपलब्ध होने पर ही सरकार प्रभावी योजनाएं बना सकती है और प्रत्येक वर्ग को उसका उचित अधिकार मिल सकता है।
तेलंगाना मॉडल अपनाने की मांग
हरीश चौधरी ने कहा कि बिहार की तत्कालीन नीतीश कुमार सरकार और तेलंगाना की कांग्रेस सरकार पहले ही जातिगत सर्वे कराकर उदाहरण पेश कर चुकी हैं। उन्होंने केंद्र सरकार से तेलंगाना मॉडल के आधार पर जातिगत जनगणना कराने की मांग की।
उन्होंने कहा कि देश के कुछ पहाड़ी क्षेत्रों में जनगणना का काम शुरू हो चुका है, जबकि अन्य क्षेत्रों में फरवरी से प्रक्रिया शुरू होनी है। ऐसे में सरकार के पास अभी समय है। उन्होंने मांग की कि जनगणना शुरू होने से पहले OBC वर्ग के लिए अलग कॉलम शामिल किया जाए, ताकि देश के सामने सभी सामाजिक वर्गों की वास्तविक और स्पष्ट तस्वीर सामने आ सके।
पढ़ने के लिए धन्यवाद
आपका समय और भरोसा हमारे लिए बहुत मायने रखता है। अगर यह खबर आपके लिए उपयोगी रही, तो हमसे जुड़े रहें — हर ज़रूरी खबर के लिए Newsam को फ़ॉलो करें।