राहुल गुप्ता
मुंबई, 7 अक्टूबर। दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा समेत कई विपक्षी नेताओं को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया। 6 अक्टूबर को हुए इस घटनाक्रम के बाद महाराष्ट्र में भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं का विरोध देखने को मिला। मुंबई के बांद्रा रिक्लेमेशन में युवक कांग्रेस ने देर रात प्रदर्शन किया, जबकि कल्याण रेलवे स्टेशन पर कार्यकर्ताओं ने रेल रोको की कोशिश की। दिल्ली में हुए प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी समेत विपक्षी नेताओं ने चुनाव आयोग से मुलाकात और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग की थी।
बांद्रा रिक्लेमेशन में आधी रात को प्रदर्शन
राहुल गांधी को हिरासत में लिए जाने की जानकारी मिलने के बाद मुंबई युवक कांग्रेस के कार्यकर्ता अध्यक्ष जीनत सबरीन के नेतृत्व में बांद्रा रिक्लेमेशन फ्लाईओवर के नीचे जमा हुए। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में पोस्टर लेकर राहुल गांधी के समर्थन में नारे लगाए और दिल्ली पुलिस की कार्रवाई के खिलाफ विरोध जताया।
अचानक हुए प्रदर्शन के कारण इलाके में कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित हुआ। सूचना मिलने पर मुंबई पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और प्रदर्शनकारियों से सड़क खाली करने तथा शांत रहने की अपील की। हालांकि, कार्यकर्ता विरोध जारी रखने पर अड़े रहे।
बाद में महिला पुलिस अधिकारियों ने महिला कार्यकर्ताओं समेत प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर थाने पहुंचाया। कानून-व्यवस्था से जुड़ी औपचारिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद देर रात सभी को छोड़ दिया गया।
कल्याण में रेल रोको की कोशिश
राहुल गांधी और प्रियंका गांधी की हिरासत के विरोध में कल्याण में भी युवक कांग्रेस के कार्यकर्ता आक्रामक नजर आए। कार्यकर्ताओं ने कल्याण रेलवे स्टेशन पर रेल रोको की कोशिश की और सरकार तथा चुनाव आयोग के खिलाफ नारेबाजी की।
पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को मौके से हिरासत में लिया। इस दौरान रेलवे स्टेशन परिसर में कुछ समय के लिए तनाव की स्थिति बनी रही।
दिल्ली में 9 घंटे चला था प्रदर्शन
दिल्ली में इंडिया गठबंधन के नेताओं ने 6 अक्टूबर को संसद से चुनाव आयोग कार्यालय की ओर मार्च किया था। पुलिस ने बैरिकेड लगाकर प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोक दिया। इसके बाद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अन्य नेता आकाशवाणी भवन के पास धरने पर बैठ गए। करीब 9 घंटे तक चले प्रदर्शन के बाद दिल्ली पुलिस ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और कई अन्य नेताओं को हिरासत में लिया। बाद में उन्हें रिहा कर दिया गया।
विपक्षी नेताओं ने चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आरोप लगाते हुए उनके इस्तीफे की मांग की। वहीं, चुनाव आयोग ने कहा कि प्रदर्शन वाले दिन शाम 4 बजे तक उसे मुलाकात के लिए कोई औपचारिक अनुरोध नहीं मिला था।
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