न्यूज़म ब्यूरो
मुंबई, 5 अक्टूबर। मुंबई के विकास में उद्योग जगत, सामाजिक संस्थाओं, विशेषज्ञों और नागरिकों की भागीदारी को व्यवस्थित स्वरूप देने के लिए बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026 को ‘पार्टिसिपेट मुंबई’ परियोजना का लोकार्पण करेगी। इस अवसर पर बीएमसी और समग्र संस्था के बीच व्यापक समझौते पर भी हस्ताक्षर किए जाएंगे। कार्यक्रम सुबह 11 बजे महानगरपालिका मुख्यालय स्थित सभागार में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की प्रमुख उपस्थिति में आयोजित होगा।
कई वरिष्ठ नेता रहेंगे मौजूद
कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री एवं मुंबई शहर के पालकमंत्री एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजित पवार, विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर, कौशल, रोजगार, उद्यमिता एवं नवाचार मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा तथा सूचना प्रौद्योगिकी एवं सांस्कृतिक कार्य मंत्री आशीष शेलार सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहेंगे। महापौर रितू तावडे और उपमहापौर संजय घाडी भी समारोह में उपस्थित रहेंगे।
450 से अधिक परियोजनाओं के लिए एक मंच
‘पार्टिसिपेट मुंबई’ को एक डिजिटल वन-स्टॉप प्लेटफॉर्म के रूप में विकसित किया गया है। इस पर बीएमसी की 450 से अधिक परियोजनाओं और नागरिक जरूरतों की जानकारी उपलब्ध होगी। इच्छुक कंपनियां, कॉर्पोरेट संस्थाएं, गैर-सरकारी संगठन, विशेषज्ञ और नागरिक अपनी क्षमता तथा रुचि के अनुसार संबंधित परियोजनाओं से जुड़ सकेंगे।
इसमें योगदान केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं रहेगा। तकनीक, विशेषज्ञ ज्ञान, कौशल, सामग्री, उपकरण, सेवाएं, स्वयंसेवी सहभागिता और परियोजना क्रियान्वयन में सहयोग जैसे विकल्प भी उपलब्ध होंगे।
27 सीएसआर भागीदार और 500 से अधिक स्वयंसेवक जुड़े
बीएमसी के अनुसार, फिलहाल इस पहल के तहत 450 से अधिक परियोजनाएं सहभागिता के लिए उपलब्ध हैं। 27 सीएसआर भागीदारों, 23 स्वयंसेवी संस्थाओं, 56 क्रियान्वयन भागीदारों और 500 से अधिक स्वयंसेवकों के जुड़ने की जानकारी दी गई है।
शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण, उद्यान, स्वच्छता, ठोस कचरा प्रबंधन, नागरिक सुविधाओं और बुनियादी ढांचे जैसे क्षेत्रों में परियोजनाएं शामिल की जा रही हैं। कंपनियां और संस्थाएं अपनी नई तकनीक या सामाजिक पहल का प्रस्ताव भी दे सकेंगी, जिसकी बीएमसी संबंधित विभागों के माध्यम से जांच करेगी।
सीएसआर राशि सीधे बीएमसी को नहीं दी जाएगी
इस पहल की एक प्रमुख विशेषता यह है कि सीएसआर राशि बीएमसी को हस्तांतरित या स्वीकार नहीं की जाएगी। इसके बजाय वस्तुओं, उपकरणों, तकनीक, सेवाओं, विशेषज्ञता, कौशल और स्वयंसेवी सहयोग के रूप में योगदान को प्रोत्साहित किया जाएगा। इससे संबंधित संस्थाएं अपनी सामाजिक जिम्मेदारी को सीधे नागरिक जरूरतों से जोड़ सकेंगी।
बीएमसी की सेवाओं में सुधार पर भी जोर
समग्र संस्था के साथ प्रस्तावित समझौते के तहत नागरिक सेवाओं को अधिक तेज, सरल, पारदर्शी और जवाबदेह बनाने पर काम किया जाएगा। शिकायतों के निवारण, आपातकालीन प्रतिक्रिया, डिजिटल सेवाओं और विभागीय समन्वय को बेहतर बनाने के लिए प्रक्रियाओं की समीक्षा की जाएगी।
अतिरिक्त महानगरपालिका आयुक्त प्राजक्ता वर्मा ने कहा कि तकनीक, विशेषज्ञता और नागरिकों की स्वयंसेवी भागीदारी को उचित नागरिक जरूरतों से जोड़कर मुंबई के विकास को गति दी जा सकती है। बीएमसी के अनुसार, ‘पार्टिसिपेट मुंबई’ का उद्देश्य शहर की जरूरतों और समाज में उपलब्ध संसाधनों के बीच प्रभावी समन्वय स्थापित करना है।
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