रीमा सिंह
गडचिरोली, 16 सितंबर।
गडचिरोली जिले के अतिदुर्गम सिरोंचा तालुका में बिजली आपूर्ति को अधिक सुचारू और गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए तेलंगाना से वैकल्पिक बिजली व्यवस्था तैयार की जा रही है। महापारेषण और महावितरण द्वारा बिजली infrastructure से जुड़े कार्य तेजी से किए जा रहे हैं। महावितरण के संचालक (संचालन) धनंजय औंढेकर ने रविवार को इन कार्यों का निरीक्षण कर अधिकारियों से जानकारी ली।
113 टावरों के जरिए 132 केवी लाइन का निर्माण
सिरोंचा में वर्तमान में आलापल्ली स्थित 132/66 केवी उपकेंद्र से 93 किलोमीटर लंबी 66 केवी बिजली लाइन के जरिए बिजली पहुंचती है। घने जंगल, नदियों और नालों के कारण बारिश के दौरान इस लाइन में खराबी आने पर उसे तलाशना और मरम्मत करना चुनौतीपूर्ण होता है। इसे देखते हुए तेलंगाना के मंचेरियल जिले के किस्तमपेठ से सिरोंचा तक 32 किलोमीटर की दूरी में 113 टावरों के जरिए 132 केवी उच्चदाब बिजली लाइन बिछाने का काम शुरू किया गया है। इसे जनवरी तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
उपकेंद्रों की क्षमता बढ़ाई गई
सिरोंचा स्थित महापारेषण के 66/33 केवी उपकेंद्र की क्षमता बढ़ाकर 132/66/33 केवी करने का काम पूरा हो चुका है। वहीं महावितरण के उपकेंद्रों में आवश्यक नवीनीकरण कार्य भी जारी हैं। सिरोंचा का नया 33/11 केवी उपकेंद्र भी शुरू हो गया है, जिसमें 5 एमवीए के दो पावर ट्रांसफॉर्मर लगाए गए हैं। औंढेकर ने एक और 5 एमवीए ट्रांसफॉर्मर लगाने के निर्देश दिए।
140 गांवों के करीब 75 हजार लोगों को लाभ
सिरोंचा तालुका में घरेलू, व्यावसायिक, औद्योगिक और कृषि क्षेत्र के कुल 13,928 बिजली उपभोक्ता हैं। आलापल्ली और किस्तमपेठ, दोनों स्थानों से बिजली आपूर्ति की वैकल्पिक सुविधा उपलब्ध होने के बाद तालुका के 140 दुर्गम और अतिदुर्गम गांवों के करीब 75 हजार नागरिकों को अधिक विश्वसनीय बिजली आपूर्ति मिलने की उम्मीद है। इसके बाद सिरोंचा-आलापल्ली 66 केवी लाइन की क्षमता बढ़ाकर उसे 132 केवी करने का प्रस्ताव भी तैयार किया जाएगा।
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