मराठा आरक्षण आंदोलन के बीच अमृता फडणवीस ने मनोज जरांगे को बताया भाई, घर पर खाने का दिया न्योता

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की पत्नी अमृता फडणवीस ने कहा कि मनोज जरांगे पाटिल उनके भाई हैं। उन्होंने जरांगे को अपने घर पर खाना खाने के लिए भी आमंत्रित किया है।

Rahul Gupta
नागपुर, 10 सितंबर।

महाराष्ट्र में मराठा आरक्षण को लेकर चल रहे आंदोलन के बीच मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की पत्नी अमृता फडणवीस का एक बयान चर्चा में है। उन्होंने आंदोलन का नेतृत्व कर रहे मनोज जरांगे पाटिल को अपना भाई बताया और उन्हें घर पर खाना खाने के लिए आमंत्रित किया।

अमृता फडणवीस ने बुधवार रात नागपुर में एक कार्यक्रम से इतर पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि जरांगे पाटिल उनके भाई हैं और वह उन्हें अपने घर पर खाना खाने के लिए बुलाती हैं।

13 दिनों से आंदोलन कर रहे हैं मनोज जरांगे

मनोज जरांगे पाटिल पिछले 13 दिनों से जालना जिले के अंतरवाली सराटी गांव में मराठा आरक्षण की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। उनकी प्रमुख मांग है कि मराठा समुदाय को अन्य पिछड़ा वर्ग यानी ओबीसी श्रेणी के तहत आरक्षण दिया जाए।

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जरांगे पाटिल हैदराबाद और सातारा गजट रिकॉर्ड लागू करने के साथ पात्र मराठा लोगों को कुनबी जाति प्रमाणपत्र जारी करने की मांग भी कर रहे हैं।

सरकार ने बातचीत का रास्ता रखा खुला

मराठा आरक्षण को लेकर जारी आंदोलन के बीच मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंगलवार को कहा था कि सरकार संविधान के दायरे में जो भी संभव होगा, वह करेगी। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया था कि किसी एक समुदाय के हिस्से का आरक्षण लेकर दूसरे समुदाय को नहीं दिया जाएगा।

फडणवीस ने कहा था कि सरकार ने बातचीत के दरवाजे कभी बंद नहीं किए हैं और बातचीत के जरिए समाधान निकालने की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। ऐसे समय में अमृता फडणवीस का जरांगे को भाई बताकर घर पर खाने का न्योता देना राजनीतिक और सामाजिक तौर पर चर्चा का विषय बन गया है।

नवरात्रि और गरबा पर भी बोलीं अमृता फडणवीस

अमृता फडणवीस ने नवरात्रि और गरबा को लेकर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि नवरात्रि और गरबा हिंदू धर्म की झलक लोगों तक पहुंचाने का अच्छा माध्यम हैं और दुनिया को इसकी खासियत से परिचित कराया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि त्योहार सभी को साथ लेकर चलने वाले होते हैं। उनके मुताबिक, अगर कोई मुस्लिम व्यक्ति नवरात्रि समारोह में शामिल होता है तो इसमें कुछ गलत नहीं है।

उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब महाराष्ट्र में गरबा और डांडिया कार्यक्रमों में मुस्लिमों की एंट्री को लेकर भी राजनीतिक बहस चल रही है। बीजेपी नेता नितेश राणे ने विश्व हिंदू परिषद की उस अपील का समर्थन किया है, जिसमें नवरात्रि के दौरान गरबा और डांडिया कार्यक्रमों में मुसलमानों को प्रवेश नहीं देने की बात कही गई है।

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