संवैधानिक और कानूनी विकल्प उपलब्ध होने के बावजूद आंदोलन का रास्ता अपनाने पर उठाए सवाल
मुंबई, 02 अक्टूबर। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर चल रहे विरोध प्रदर्शनों पर महाराष्ट्र के सांस्कृतिक कार्य मंत्री एडवोकेट आशिष शेलार ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग ने एसआईआर की पूरी प्रक्रिया और समय-सारिणी पारदर्शी तरीके से घोषित की है तथा राजनीतिक दलों और नागरिकों को इसकी जानकारी दी गई है। ऐसे में एसआईआर के नाम पर आंदोलन करना उचित नहीं है। उन्होंने सीजेपी के आंदोलन को “अराजकता का व्याकरण” बताया।
आयोग ने स्पष्ट की पूरी प्रक्रिया
भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में शेलार ने कहा कि एसआईआर के तहत आवेदन, दावे-आपत्तियां, सुनवाई और आवश्यक दस्तावेजों से संबंधित प्रक्रिया स्पष्ट की गई है। राजनीतिक दलों के साथ-साथ आम नागरिकों को भी इसके बारे में जानकारी दी गई है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब प्रक्रिया निर्धारित है, तो कुछ राजनीतिक दल और संगठन आंदोलन का रास्ता क्यों अपना रहे हैं।
आपत्ति है तो संवैधानिक रास्ता अपनाएं
शेलार ने कहा कि एसआईआर से संबंधित किसी भी आपत्ति को चुनाव आयोग के समक्ष रखा जा सकता है। इसके अलावा न्यायालय का रास्ता भी उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में आंदोलन का अधिकार है, लेकिन संवैधानिक संस्थाओं की किसी प्रक्रिया पर आपत्ति होने पर उपलब्ध संस्थागत और कानूनी विकल्पों का इस्तेमाल किया जाना चाहिए।
पात्र मतदाताओं के हितों की रक्षा का दावा
शेलार ने कहा कि एसआईआर के दौरान किसी पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची से हटने से रोकने के लिए निर्धारित प्रक्रिया मौजूद है। जिन नामों को लेकर आपत्ति होगी, संबंधित व्यक्ति को अपना पक्ष रखने का अवसर मिलेगा। उन्होंने विपक्षी दलों से चुनावी प्रक्रिया को लेकर जनता के बीच भ्रम पैदा नहीं करने की अपील की।
डॉ. आंबेडकर के विचारों का किया उल्लेख
शेलार ने 25 नवंबर 1949 को संविधान सभा में डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के भाषण का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने संवैधानिक मार्गों के महत्व पर जोर दिया था। शेलार के अनुसार, जब संवैधानिक रास्ते उपलब्ध हों, तब असंवैधानिक तरीकों का सहारा लेना उचित नहीं है।
शिवाजी पार्क में आंदोलन पर भी निशाना
शेलार ने आरोप लगाया कि विपक्षी दल राजनीतिक एजेंडे के तहत शिवाजी पार्क में आंदोलन आयोजित करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि एसआईआर को लेकर यदि कोई आपत्ति है तो उसे निर्धारित संवैधानिक प्रक्रिया के माध्यम से उठाया जाना चाहिए।
पत्रकार वार्ता में भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष केशव उपाध्ये, प्रदेश मुख्य प्रवक्ता नवनाथ बन, मुख्यालय प्रभारी रविंद्र अनासपुरे और सहमाध्यम प्रमुख ओमप्रकाश चौहान उपस्थित थे।
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