राष्ट्रपति शासन की मांग पर भाजपा का पलटवार, उद्धव ठाकरे सरकार के कार्यकाल पर उठाए सवाल

टाइगर श्रॉफ फायरिंग मामले के बीच संजय राउत की मांग पर भाजपा नेताओं ने पिछली सरकार के दौरान हुई घटनाओं का जिक्र करते हुए जवाब दिया।

राहुल गुप्ता

मुंबई, 19 अक्टूबर। महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लागू करने की मांग को लेकर भाजपा ने शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत पर पलटवार किया है। भाजपा प्रवक्ता नवनाथ बन ने उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली महाविकास आघाड़ी सरकार के कार्यकाल में हुई विभिन्न घटनाओं का जिक्र करते हुए सवाल उठाए। वहीं, भाजपा नेता चंद्रशेखर बावनकुले ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर राउत की टिप्पणियों की आलोचना की।

नवनाथ बन ने पुराने मामलों का किया जिक्र

नवनाथ बन ने आरोप लगाया कि महाविकास आघाड़ी सरकार के दौरान राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति खराब थी। उन्होंने पालघर में दो साधुओं की मॉब लिंचिंग, अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत और दिशा सालियान की मौत के मामलों तथा उद्योगपति मुकेश अंबानी के घर के बाहर विस्फोटक मिलने की घटना का जिक्र किया।

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बन ने पूर्व पुलिस अधिकारी सचिन वाझे और मनसुख हिरेन की मौत के मामले का भी उल्लेख किया। उन्होंने तत्कालीन सरकार पर पुलिस का इस्तेमाल कर विरोधियों को निशाना बनाने के आरोप लगाए। ये आरोप भाजपा नेता ने राजनीतिक बयानबाजी के दौरान लगाए।

उन्होंने कहा कि उस समय भी राष्ट्रपति शासन की मांग उठनी चाहिए थी। बन ने आरोप लगाया कि तत्कालीन सरकार के दौरान पुलिस और गृह विभाग की भूमिका पर कई सवाल उठे थे।

फडणवीस पर टिप्पणी को लेकर बावनकुले का जवाब

भाजपा नेता चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को संजय राउत के प्रमाणपत्र की जरूरत नहीं है। उन्होंने राउत की भाषा पर आपत्ति जताते हुए कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का मतलब किसी के बारे में अनुचित तरीके से बोलना नहीं है।

बावनकुले ने कहा कि जनता ऐसे बयानों का जवाब देगी। उन्होंने फडणवीस के नेतृत्व और राज्य सरकार के कामकाज का बचाव किया।

गैंगवार पर भाजपा का सख्त रुख

नवनाथ बन ने कहा कि मुंबई में गैंगवार और आपराधिक गिरोहों पर नियंत्रण की जिम्मेदारी पुलिस की है। उन्होंने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाने के बजाय जांच एजेंसियों को काम करने देने की बात कही।

उन्होंने पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल में हुई गिरफ्तारियों और राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ कार्रवाई का भी जिक्र किया। बन ने आरोप लगाया कि तत्कालीन सरकार ने पुलिस का इस्तेमाल राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाने के लिए किया था।

ठाकरे और संजय राउत पर राजनीतिक तंज

भाजपा ने उद्धव ठाकरे और संजय राउत पर निशाना साधते हुए पार्टी के भीतर हुए बदलावों को लेकर भी तंज कसा। बन ने दावा किया कि ठाकरे अपनी पार्टी में हुए राजनीतिक बदलावों को ठीक से समझ नहीं पाए और राउत की भूमिका पर सवाल उठाए।

टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग की घटना के बाद महाराष्ट्र में कानून-व्यवस्था और सुरक्षा को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। भाजपा नेताओं ने पिछली सरकार के कार्यकाल का हवाला देकर राउत की मांग का जवाब दिया, जबकि इस पूरे विवाद में विभिन्न घटनाओं को लेकर लगाए गए आरोपों की पुष्टि संबंधित जांच और आधिकारिक रिकॉर्ड के आधार पर ही की जा सकती है।

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