बैलेट पेपर पर चुनाव को लेकर राज ठाकरे को भाजपा नेता की चुनौती

परिणय फुके बोले- स्नातक चुनाव में उम्मीदवार उतारें

न्यूज़म ब्यूरो

मुंबई, 4 अक्टूबर। महाराष्ट्र में चुनाव प्रक्रिया और इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। रविवार को मुंबई में उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे के नेतृत्व में ‘गर्जना मोर्चा’ निकाला गया। मोर्चे में राज ठाकरे ने महाराष्ट्र में चल रही विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया को रद्द करने और भविष्य में चुनाव बैलेट पेपर से कराने की मांग की। इसके बाद भाजपा नेता परिणय फुके ने राज ठाकरे को खुली चुनौती दी है।

राज ठाकरे को चुनाव लड़ने की चुनौती

परिणय फुके ने कहा कि राज ठाकरे बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग कर रहे हैं, जबकि महाराष्ट्र विधान परिषद के स्नातक और शिक्षक मतदारसंघों के चुनाव में 23 अक्टूबर को मतदान होना है। उन्होंने राज ठाकरे से इस चुनाव में अपना उम्मीदवार उतारने को कहा। फुके के अनुसार, यदि राज ठाकरे के उम्मीदवार को एक हजार से अधिक वोट मिलते हैं, तो वह स्वयं उनके साथ बैलेट पेपर से चुनाव कराने के मुद्दे पर चर्चा करेंगे।

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ठाकरे बंधुओं के मोर्चे में उठी मांग

राज ठाकरे ने ‘गर्जना मोर्चा’ की सभा में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग के साथ महाराष्ट्र में एसआईआर प्रक्रिया रद्द करने और चुनाव बैलेट पेपर से कराने की मांग रखी। उद्धव ठाकरे ने भी चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर सवाल उठाए। दोनों नेताओं के नेतृत्व में निकाला गया मोर्चा मुंबई में हुआ, जिसमें कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के नेता भी शामिल हुए।

फुके ने उद्धव ठाकरे पर भी साधा निशाना

परिणय फुके ने उद्धव ठाकरे की ओर से लोकतंत्र को लेकर उठाए गए सवालों पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आरोप लगाया कि लोकतंत्र खतरे में नहीं है, बल्कि उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाले दल की राजनीतिक स्थिति कमजोर हुई है और इसी कारण लोकतंत्र का मुद्दा उठाया जा रहा है। उन्होंने केंद्र सरकार की ‘मेक इन इंडिया’ पहल का उल्लेख करते हुए औद्योगिक विकास और रोजगार के मुद्दे पर भी विपक्ष की आलोचना की। ये फुके के राजनीतिक आरोप हैं।

अब नजर विधान परिषद चुनाव पर

महाराष्ट्र विधान परिषद की तीन स्नातक और दो शिक्षक मतदारसंघों के लिए 23 अक्टूबर को मतदान और 27 अक्टूबर को मतगणना निर्धारित है। ऐसे में राज ठाकरे के खिलाफ परिणय फुके की चुनौती के बाद इन चुनावों को लेकर राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।

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