मुंबई में 39 हजार से ज्यादा झोपड़ियां 14 फीट या उससे अधिक ऊंची, बीएमसी ने 1 अक्टूबर से 31 दिसंबर तक अवैध निर्माण हटाने के लिए विशेष अभियान चलाने का फैसला किया
राहुल गुप्ता
मुंबई, 23 सितंबर। महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में 14 फीट या उससे अधिक ऊंची झोपड़ियों और अवैध निर्माण के खिलाफ बीएमसी अब सख्त कार्रवाई करने जा रही है। बीएमसी प्रशासन के मुताबिक, 1 अक्टूबर से 31 दिसंबर तक पूरे मुंबई में अवैध निर्माण हटाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान नियमों का उल्लंघन कर बनाई गई 14 फीट या उससे अधिक ऊंची झोपड़ियों को हटाने की कार्रवाई की जाएगी।
मुंबई में 39 हजार से ज्यादा झोपड़ियां 14 फीट से ऊंची
बीएमसी के आंकड़ों के अनुसार, मुंबई में करीब 2 लाख 23 हजार 150 झोपड़ियां हैं। इनमें से 39 हजार 111 झोपड़ियां नियमों का उल्लंघन कर 14 फीट या उससे अधिक ऊंचाई तक बनाई गई हैं।
इनमें मुंबई शहर की 3,343, पश्चिमी उपनगरों की 4,536 और पूर्वी उपनगरों की 31,227 झोपड़ियां शामिल हैं। बीएमसी अब इन अवैध निर्माणों के खिलाफ अभियान के तहत कार्रवाई करेगी।
1 अक्टूबर के बाद नहीं मिलेगी कोई मोहलत
बीएमसी के मुताबिक, अब तक 4,584 झोपड़ियों के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है, जबकि 611 लोगों को नोटिस जारी किए गए हैं।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि 1 अक्टूबर से शुरू होने वाले विशेष अभियान के बाद अवैध निर्माण के मामले में कोई अतिरिक्त मोहलत नहीं दी जाएगी। अभियान के दौरान नियमों का उल्लंघन करने वाले निर्माणों पर कार्रवाई की जाएगी।
अबू आजमी ने उठाए कार्रवाई पर सवाल
बीएमसी के इस फैसले का विरोध भी शुरू हो गया है। समाजवादी पार्टी के नेता अबू आजमी ने सवाल उठाया कि जब ये मकान 14 फीट से ज्यादा ऊंचे बनाए जा रहे थे, तब सरकार और प्रशासन क्या कर रहा था।
अबू आजमी ने आरोप लगाया कि अधिकारियों की मिलीभगत के बिना इतने बड़े पैमाने पर अवैध निर्माण संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि अब निर्माण हो जाने के बाद सीधे घरों को तोड़ना उचित नहीं होगा।
मुख्यमंत्री से अभियान रोकने की अपील
अबू आजमी ने मुख्यमंत्री से बीएमसी के इस अभियान को रोकने की अपील की है। उनका कहना है कि इन घरों में बच्चे और बुजुर्ग रहते हैं और उनके सामने घर छिनने का संकट पैदा हो जाएगा।
उन्होंने सरकार से मांग की कि प्रभावित परिवारों को पहले एसआरए या किसी अन्य आवास योजना के तहत वैकल्पिक घर उपलब्ध कराया जाए। इसके बाद ही किसी तरह की कार्रवाई की जानी चाहिए।
बांद्रा ईस्ट में भी चला था अतिक्रमण हटाने का अभियान
इससे पहले मई में पश्चिम रेलवे ने मुंबई के बांद्रा ईस्ट स्थित गरीब नगर इलाके में रेलवे की जमीन से अतिक्रमण हटाने के लिए बड़े स्तर पर अभियान चलाया था। रेलवे की पुनर्विकास और विस्तार योजनाओं के तहत यह कार्रवाई की गई थी।
पश्चिम रेलवे के अनुसार, बॉम्बे हाईकोर्ट के निर्देशों के तहत की गई इस कार्रवाई का उद्देश्य रेलवे की ऐसी जमीन को वापस लेना था, जिसका लंबे समय से उसके निर्धारित सार्वजनिक उद्देश्य के लिए इस्तेमाल नहीं हो पा रहा था। अभियान के दौरान करीब 500 अवैध निर्माणों पर कार्रवाई की गई थी।
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