राहुल गुप्ता
मुंबई, 29 सितंबर। मुंबई की महापौर रितु तावड़े ने सोमवार को भायखला स्थित वीरमाता जीजाबाई भोसले उद्यान एवं चिड़ियाघर में रेबीज उन्मूलन अभियान के दूसरे चरण की शुरुआत की। इस दौरान उन्होंने मुंबई के प्रत्येक महानगरपालिका वार्ड में अलग रेबीज क्लिनिक स्थापित करने की योजना की घोषणा की। महापौर ने कहा कि वर्ष 2025 में मुंबई में रेबीज से एक भी मौत दर्ज नहीं होना महत्वपूर्ण उपलब्धि है। अब लक्ष्य 2027 तक मुंबई को ‘रेबीज नियंत्रित क्षेत्र’ बनाने और 2030 तक रेबीज से शून्य मौत का लक्ष्य हासिल करने का है।
हर वार्ड में 24 घंटे उपलब्ध होगी सुविधा
महापौर रितु तावड़े ने कहा कि प्रत्येक वार्ड में पर्याप्त और प्रशिक्षित कर्मचारियों के साथ स्वतंत्र रेबीज क्लिनिक स्थापित किए जाने चाहिए। इन क्लिनिक में रेबीज रोधी टीकाकरण की सुविधा 24 घंटे उपलब्ध कराने पर जोर दिया जाएगा, ताकि कुत्ते के काटने की स्थिति में लोगों को तत्काल इलाज मिल सके।
इसके अलावा आवारा कुत्तों को पकड़ने के लिए हर वार्ड में आधुनिक पशु चिकित्सा सुविधाओं से लैस वाहन उपलब्ध कराने की भी योजना है।
तीन साल में 1.80 लाख आवारा कुत्तों का टीकाकरण
मुंबई रेबीज उन्मूलन परियोजना के दूसरे चरण के तहत अगले तीन वर्षों में हर साल औसतन 55 से 60 हजार आवारा कुत्तों का टीकाकरण करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके साथ ही नियमित सर्वेक्षण, कुत्तों की आबादी का प्रबंधन और रेबीज के मामलों की निगरानी भी की जाएगी।
अभियान के तहत स्कूलों और आम नागरिकों के बीच जागरूकता बढ़ाने पर भी जोर दिया जाएगा। अगले तीन वर्षों में 5 लाख विद्यार्थियों और 5 हजार शिक्षकों तक पहुंचने का लक्ष्य रखा गया है। महानगरपालिका स्कूलों के अलावा उपनगरीय लोकल रेलवे स्टेशनों पर भी जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।
सरकारी अस्पतालों में भी मिलेगी वैक्सीन और सीरम
कार्यक्रम में मौजूद बीएमसी की अतिरिक्त आयुक्त प्राजक्ता वर्मा-लवंगारे ने सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग को हिंदूहृदयसम्राट बालासाहेब ठाकरे आपला दवाखाना में रेबीज रोधी वैक्सीन और सीरम उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अभियान को सफल बनाने के लिए समाज के सभी वर्गों के साथ सामाजिक संगठनों और स्वयंसेवी संस्थाओं की भागीदारी जरूरी है।
राष्ट्रीय रोग नियंत्रण कार्यक्रम के संयुक्त निदेशक डॉ. अजित शेवाळे ने मुंबई में रेबीज उन्मूलन के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की और अभियान को हरसंभव सहयोग देने का आश्वासन दिया। कार्यक्रम में बीएमसी के पशु चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख डॉ. कलीमपाशा पठान, मुंबई पशु चिकित्सा महाविद्यालय के डॉ. शैलेश इंगोले और डब्ल्यूवीएस यूके मिशन रेबीज के निदेशक डॉ. एंडी गिब्सन सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।
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