पहले 50 हजार रुपये की मांग की, बाद में 30 हजार पर हुआ सौदा; तहसील कार्यालय में 20 हजार रुपये लेते ही एसीबी ने दबोचा।
राहुल गुप्ता
अमरावती, 12 अक्टूबर। महाराष्ट्र के अमरावती जिले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने खेत तक जाने के लिए रास्ता दिलाने के नाम पर रिश्वत लेने के आरोप में नांदगांव खंडेश्वर के प्रभारी नायब तहसीलदार सुनील सखाराम राठौड़ (50) को सोमवार, 12 अक्टूबर को रंगेहाथ गिरफ्तार किया। आरोप है कि अधिकारी ने शुरुआत में 50 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। इस कार्रवाई से राजस्व विभाग में हड़कंप मच गया है।
तहसील कार्यालय में लंबित था आवेदन
शिकायतकर्ता किसान ने अपने खेत तक जाने के लिए रास्ता उपलब्ध कराने के संबंध में तहसील कार्यालय में आवेदन दिया था। इस मामले की सुनवाई प्रभारी नायब तहसीलदार सुनील राठौड़ की अदालत में चल रही थी। आरोप है कि किसान के पक्ष में जल्द फैसला देने के लिए राठौड़ ने शुरुआत में 50 हजार रुपये की रिश्वत मांगी।
इसके बाद किसान ने 18 अगस्त को अमरावती एसीबी कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई। एसीबी की जांच में कथित तौर पर रिश्वत की रकम पर बातचीत के बाद 30 हजार रुपये देने की बात तय हुई। इसमें 20 हजार रुपये आदेश से पहले और 10 हजार रुपये फैसला आने के बाद देने का समझौता हुआ था।
20 हजार रुपये लेते ही एसीबी ने पकड़ा
सोमवार, 12 अक्टूबर को दोपहर में एसीबी की टीम ने नांदगांव खंडेश्वर तहसील कार्यालय में जाल बिछाया। पंचों की मौजूदगी में जैसे ही सुनील राठौड़ ने शिकायतकर्ता से 20 हजार रुपये स्वीकार किए, टीम ने उन्हें तत्काल हिरासत में ले लिया। अधिकारी की पैंट की दाहिनी जेब से रिश्वत की रकम बरामद की गई।
मामले में नांदगांव खंडेश्वर पुलिस थाने में अपराध दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू की गई थी। साथ ही आरोपी के घर की तलाशी भी ली जा रही थी।
एसीबी की टीम ने की कार्रवाई
यह कार्रवाई अमरावती एसीबी के पुलिस अधीक्षक बापू बांगर, अपर पुलिस अधीक्षक सुनील किनगे और पुलिस उपाधीक्षक राजेश राठौड़ के मार्गदर्शन में की गई। जाल बिछाने वाली टीम में पुलिस उपाधीक्षक रमेश ताले, पुलिस निरीक्षक संजय शिंदे तथा कर्मचारी वैभव जायले, राजेश मेटकर और सतीश किटुकले शामिल थे।
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