राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले की अध्यक्षता में बनी कैबिनेट उपसमिति हर सप्ताह स्थिति की समीक्षा करेगी, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शनिवार तक सूखे जैसी स्थिति को लेकर अधिसूचना जारी करने के संकेत दिए
राहुल गुप्ता
मुंबई, 23 सितंबर।
महाराष्ट्र के कई हिस्सों में कम बारिश के कारण पानी की कमी और फसलों को हुए नुकसान को देखते हुए राज्य सरकार ने सूखे जैसी स्थिति से निपटने के लिए कैबिनेट उपसमिति का गठन किया है। राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले की अध्यक्षता में बनी यह समिति राज्य में राहत उपायों की निगरानी करेगी और जरूरत के मुताबिक फैसले लेगी।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंगलवार को कैबिनेट बैठक के बाद कहा कि सूखे जैसी स्थिति को लेकर प्रारंभिक अधिसूचना शनिवार तक जारी की जा सकती है। उन्होंने अधिकारियों को फसल नुकसान का सर्वे और पंचनामा तैयार करने का काम निर्धारित 5 अक्टूबर से पहले बुधवार से ही शुरू करने के निर्देश दिए हैं।
कैबिनेट के बराबर अधिकारों के साथ काम करेगी समिति
चंद्रशेखर बावनकुले की अध्यक्षता वाली कैबिनेट उपसमिति को कैबिनेट के बराबर अधिकार दिए गए हैं। समिति हर सप्ताह बैठक कर मैदानी इलाकों से मिलने वाली रिपोर्ट की समीक्षा करेगी और आवश्यक राहत उपायों पर निर्णय लेगी।
मुख्यमंत्री और दोनों उपमुख्यमंत्री समिति की साप्ताहिक रिपोर्ट की समीक्षा करेंगे। हालांकि, बड़े नीतिगत फैसलों को राज्य कैबिनेट के समक्ष रखा जाएगा।
उपसमिति में कई मंत्री शामिल
इस उपसमिति में गिरीश महाजन, गुलाबराव पाटील, संजय राठौड़, पंकजा मुंडे, दत्तात्रय भरणे, जयकुमार गोरे, प्रताप सरनाईक, मकरंद पाटील और बाबासाहेब पाटील को शामिल किया गया है। मुख्य सचिव राजेश अग्रवाल समिति के सचिव होंगे।
23 जिलों में 20 प्रतिशत से ज्यादा बारिश की कमी
मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में राज्य में बारिश, जल उपलब्धता और फसलों की स्थिति की समीक्षा की गई। सरकार के अनुसार, फिलहाल राज्य के 23 जिलों में सामान्य से 20 प्रतिशत से अधिक बारिश की कमी है। बांधों में कुल जल भंडारण 76.09 प्रतिशत है, जो पिछले वर्ष की तुलना में करीब 12 प्रतिशत कम है।
मानसून के दौरान लंबे समय तक बारिश नहीं होने से सोयाबीन, कपास, मक्का और धान जैसी प्रमुख खरीफ फसलों को नुकसान पहुंचा है।
बुधवार से शुरू होगा फसल नुकसान का सर्वे
मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि फसल नुकसान का आकलन करने के लिए सर्वे बुधवार से शुरू किया जाएगा। सरकार केंद्र से आर्थिक सहायता मिलने का इंतजार किए बिना प्रभावित किसानों को तत्काल राहत देने की दिशा में काम करेगी।
सरकार का फिलहाल पेयजल और पशुओं के लिए चारे की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर भी जोर है। स्थानीय निकायों के साथ मिलकर अगले सात से आठ महीनों के लिए पानी और चारे की व्यवस्था का नियोजन किया जाएगा।
फडणवीस करेंगे सूखा प्रभावित इलाकों का दौरा
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस बुधवार से सूखा प्रभावित इलाकों का दौरा शुरू करेंगे। अधिकारियों के अनुसार, वह लातूर, धाराशिव और सोलापुर जिलों के प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लेंगे। उन्होंने मंत्रियों और जनप्रतिनिधियों को भी प्रभावित इलाकों में जाकर किसानों से सीधे बातचीत करने के निर्देश दिए हैं।
राज्य सरकार बाद में राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया कोष यानी एनडीआरएफ के नियमों के तहत केंद्र से आर्थिक सहायता मांगने के लिए प्रस्ताव भी भेजेगी। फिलहाल राज्य सरकार का कहना है कि प्रभावित किसानों के लिए तत्काल राहत उपायों को केंद्र की सहायता का इंतजार किए बिना आगे बढ़ाया जाएगा।
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