किरिट सोमैया ने अभिनेता इमरान खान के खिलाफ हिरासत और निर्वासन की मांग की है, लेकिन केवल प्रदर्शन में शामिल होना अपने आप में निर्वासन का आधार नहीं बनता
राहुल गुप्ता
मुंबई, 12 अक्टूबर। भारत में राजनीतिक प्रदर्शन में शामिल होने वाले विदेशी नागरिकों और ओवरसीज सिटीजन ऑफ इंडिया (ओसीआई) कार्डधारकों के अधिकारों को लेकर बहस शुरू हो गई है। यह मुद्दा तब चर्चा में आया, जब भाजपा नेता किरीट सोमैया ने मुंबई पुलिस को पत्र लिखकर अभिनेता इमरान खान को हिरासत में लेने और देश से निर्वासित करने की मांग की। सोमैया ने आरोप लगाया कि खान विदेशी नागरिक हैं और कॉकroach जनता पार्टी (सीजेपी) के समर्थन में प्रदर्शन में उनकी भागीदारी ओसीआई नियमों तथा वीजा शर्तों का उल्लंघन हो सकती है। हालांकि, किसी शिकायत या आरोप के आधार पर ही कानून का उल्लंघन साबित नहीं हो जाता।
क्या होता है ओसीआई कार्ड?
ओवरसीज सिटीजन ऑफ इंडिया योजना 2005 में भारतीय मूल के उन पात्र लोगों के लिए शुरू की गई थी, जिनके पास किसी दूसरे देश की नागरिकता है। नाम में ‘सिटीजन’ शब्द होने के बावजूद ओसीआई कार्ड भारत की नागरिकता नहीं देता। ओसीआई कार्डधारक विदेशी नागरिक ही रहते हैं।
इस कार्ड के तहत पात्र लोगों को लागू नियमों के अनुसार भारत आने के लिए आजीवन मल्टीपल-एंट्री वीजा सहित कुछ विशेष सुविधाएं मिलती हैं। शिक्षा, संपत्ति और कुछ व्यावसायिक गतिविधियों से जुड़े मामलों में भी निर्धारित लाभ दिए जाते हैं।
हालांकि, ओसीआई कार्डधारक भारतीय चुनावों में मतदान नहीं कर सकते, संसद या राज्य विधानसभाओं का चुनाव नहीं लड़ सकते और भारतीय नागरिकों के लिए आरक्षित राजनीतिक अधिकारों का दावा नहीं कर सकते। उनके अधिकारों और प्रतिबंधों का निर्धारण नागरिकता अधिनियम, 1955 और केंद्र सरकार की ओर से जारी नियमों व अधिसूचनाओं के तहत होता है।
क्या ओसीआई कार्डधारक राजनीतिक प्रदर्शन में शामिल हो सकते हैं?
ओसीआई नियमों में सार्वजनिक प्रदर्शन में शामिल होने को ऐसी गतिविधि के रूप में स्पष्ट रूप से सूचीबद्ध नहीं किया गया है, जिसके लिए प्रत्येक कार्डधारक को हर स्थिति में अलग से पूर्व अनुमति लेनी ही पड़े। लेकिन इसका अर्थ यह भी नहीं है कि हर तरह की राजनीतिक गतिविधि स्वतः अनुमत है।
नागरिकता अधिनियम की धारा 7बी के तहत ओसीआई कार्डधारकों को भारतीय नागरिकों के लिए उपलब्ध कुछ अधिकार नहीं मिलते। मतदान और निर्वाचित पदों से जुड़े प्रतिबंधों का यह अर्थ अपने आप नहीं है कि किसी प्रदर्शन में केवल शामिल होना ही गैरकानूनी है। किसी विशेष मामले में कार्रवाई का आधार संबंधित गतिविधि, लागू नियमों और उपलब्ध तथ्यों पर निर्भर करेगा।
अभिव्यक्ति और शांतिपूर्ण सभा का अधिकार किसे मिलता है?
भारतीय संविधान का अनुच्छेद 19 नागरिकों को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और बिना हथियार शांतिपूर्वक एकत्र होने का अधिकार देता है। ये अधिकार उचित प्रतिबंधों के अधीन हैं और विशेष रूप से भारतीय नागरिकों के लिए हैं।
ओसीआई कार्डधारक विदेशी नागरिक होते हैं, इसलिए वे इन संवैधानिक अधिकारों का दावा भारतीय नागरिकों के समान आधार पर नहीं कर सकते। हालांकि, इससे यह निष्कर्ष नहीं निकलता कि विदेशी नागरिक की हर सार्वजनिक गतिविधि अपने आप अपराध बन जाती है। यह देखना आवश्यक है कि संबंधित गतिविधि पर कौन-सा कानून लागू होता है और क्या किसी नियम या शर्त का उल्लंघन हुआ है।
क्या ओसीआई कार्डधारक को हिरासत में लेकर निर्वासित किया जा सकता है?
ओसीआई कार्डधारक विदेशी नागरिक होते हैं और उन पर भारत के विदेशी नागरिकों तथा आव्रजन से संबंधित कानून लागू होते हैं। नागरिकता अधिनियम की धारा 7डी में कुछ निर्धारित परिस्थितियों में ओसीआई पंजीकरण रद्द करने का प्रावधान है। इनमें देश की संप्रभुता और सुरक्षा से जुड़े आधार भी शामिल हैं।
हालांकि, किसी व्यक्ति के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज होने या वीजा नियमों के उल्लंघन का आरोप लगने मात्र से अपराध साबित नहीं हो जाता और न ही इससे निर्वासन स्वतः उचित ठहरता है। संबंधित अधिकारियों को लागू कानूनी प्रावधानों और मामले के तथ्यों के आधार पर निर्णय लेना होता है।
इमरान खान के मामले में भी यह तय करने के लिए कि उनकी प्रदर्शन में भागीदारी से किसी ओसीआई नियम या वीजा शर्त का उल्लंघन हुआ या नहीं, उनकी नागरिकता और ओसीआई स्थिति के साथ-साथ संबंधित गतिविधि तथा लागू नियमों की जांच जरूरी होगी।
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