सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियान की मौत की जांच अब सीबीआई के हाथ में है, एजेंसी 8 जून 2020 की रात की घटनाओं, गवाहों के बयानों और फोरेंसिक साक्ष्यों को जोड़कर मौत की परिस्थितियों का पता लगाएगी
राहुल गुप्ता
मुंबई, 16 सितंबर।
एक्टर सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियान की मौत मामले की जांच अब केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी सीबीआई कर रही है। मामले में केस दर्ज होने के बाद जांच एजेंसी के अगले कदम पर सबकी नजर है। सीबीआई का मुख्य फोकस 8 जून 2020 की रात हुई घटनाओं, गवाहों के बयानों और फोरेंसिक साक्ष्यों को जोड़कर दिशा की मौत की परिस्थितियों का पता लगाने पर रहेगा।
क्राइम सीन का रिक्रिएशन संभव
जांच के दौरान सीबीआई क्राइम सीन को रिक्रिएट कर सकती है। इसके साथ ही घटना के समय दिशा के मोबाइल फोन की लोकेशन, कॉल रिकॉर्ड और मैसेज की भी जांच की जा सकती है।
इन इलेक्ट्रॉनिक और फोरेंसिक साक्ष्यों के जरिए एजेंसी यह समझने की कोशिश करेगी कि घटना से पहले और उसके दौरान क्या परिस्थितियां थीं और उस रात कौन-कौन लोग संपर्क में थे।
सुशांत सिंह राजपूत की मौत से कनेक्शन की भी जांच
सीबीआई यह भी जांच करेगी कि दिशा सालियान और सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बीच कोई संबंध था या नहीं। दिशा की मौत के करीब एक सप्ताह बाद सुशांत सिंह राजपूत की भी मौत हुई थी।
जांच एजेंसी दोनों घटनाओं से जुड़े उपलब्ध तथ्यों और साक्ष्यों का मिलान कर यह पता लगाने की कोशिश कर सकती है कि दोनों मामलों के बीच कोई कड़ी थी या नहीं।
फोरेंसिक और इलेक्ट्रॉनिक सबूतों पर नजर
सीबीआई यह भी पता लगाने की कोशिश करेगी कि क्या मामले से जुड़े कोई फोरेंसिक साक्ष्य नष्ट या बदले गए थे। इलेक्ट्रॉनिक सबूतों को नुकसान पहुंचाए जाने या उन्हें नष्ट किए जाने की किसी आशंका की भी जांच की जाएगी।
इसके अलावा उस समय मामले की जांच कर रहे अधिकारियों और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों पर किसी तरह का दबाव था या नहीं, इस पहलू की भी जांच की जा सकती है।
पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टरों के बयान होंगे अहम
दिशा सालियान के पिता की ओर से उद्धव ठाकरे, आदित्य ठाकरे और कुछ बॉलीवुड हस्तियों को लेकर लगाए गए आरोपों की भी जांच के दायरे में आने की बात कही जा रही है। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
सीबीआई पहले की जांच में शामिल पुलिस अधिकारियों और दिशा का पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टरों के बयान भी दर्ज कर सकती है। जिन अधिकारियों पर गलत जानकारी देने के आरोप लगाए गए हैं, उनकी भूमिका की भी जांच की जा सकती है।
गवाहों और घटनास्थल से जुड़े तथ्यों की जांच
दिशा सालियान मौत मामले की जांच की जिम्मेदारी सीबीआई की एसपी सीमा पाहुजा को सौंपी गई है। वह कई हाई-प्रोफाइल आपराधिक मामलों की जांच कर चुकी हैं।
अब सीबीआई मामले से जुड़े गवाहों, घटनास्थल और उपलब्ध दस्तावेजों की जांच करेगी। जांच का अहम हिस्सा 8 जून 2020 की रात की घटनाओं को गवाहों के बयानों और फोरेंसिक साक्ष्यों के साथ जोड़ना होगा।
मामला करीब छह साल पुराना होने के कारण जांच एजेंसी के सामने पुराने साक्ष्यों और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड को जुटाने तथा उनकी विश्वसनीयता की जांच करने की चुनौती भी रहेगी।
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