अप्रैल से सितंबर 2026 के दौरान 15,652 रेक से 41.10 मिलियन टन माल की ढुलाई; सितंबर में 10 वर्षों का रिकॉर्ड,नागपुर मंडल का सबसे बड़ा योगदान
न्यूज़म ब्यूरो
मुंबई, 11 अक्टूबर। मध्य रेल ने चालू वित्त वर्ष 2026-27 में माल ढुलाई के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है। अप्रैल से सितंबर 2026 के दौरान रेलवे ने 15,652 रेक के माध्यम से 41.10 मिलियन टन माल का परिवहन किया और इससे ₹4,117.07 करोड़ का राजस्व अर्जित किया। पिछले वर्ष की इसी अवधि में 14,625 रेक से 37.37 मिलियन टन माल की ढुलाई हुई थी। इस प्रकार माल परिवहन में लगभग 10 प्रतिशत और राजस्व में 6 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई।
सितंबर में 10 वर्षों का रिकॉर्ड
मध्य रेल ने सितंबर 2026 में पिछले 10 वर्षों के दौरान सितंबर महीने की सर्वाधिक माल ढुलाई दर्ज की। इस महीने 2,601 रेक के माध्यम से 6.59 मिलियन टन माल का परिवहन किया गया, जबकि सितंबर 2025 में 2,333 रेक से 5.27 मिलियन टन माल की ढुलाई हुई थी। इस तरह माल ढुलाई में 25 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई और 268 अतिरिक्त रेक संचालित किए गए।
सितंबर में माल परिवहन से ₹655.15 करोड़ का राजस्व मिला, जबकि पिछले वर्ष इसी महीने ₹527.55 करोड़ की कमाई हुई थी। इस प्रकार मासिक राजस्व में 24 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
नागपुर मंडल का सबसे बड़ा योगदान
अप्रैल से सितंबर 2026 के दौरान माल ढुलाई और राजस्व अर्जित करने में नागपुर मंडल सबसे आगे रहा। मंडल ने 24.26 मिलियन टन माल का परिवहन किया, जो मध्य रेल की कुल माल ढुलाई का लगभग 59 प्रतिशत है। इस दौरान नागपुर मंडल ने ₹2,462.27 करोड़ का राजस्व अर्जित किया, जो कुल राजस्व का 59.80 प्रतिशत है।
मुंबई मंडल ने इस अवधि में 10.14 मिलियन टन माल की ढुलाई की, जो कुल माल परिवहन का 24.67 प्रतिशत है। मंडल ने ₹963.34 करोड़ का राजस्व अर्जित किया, जो मध्य रेल की कुल माल ढुलाई आय का 23.40 प्रतिशत है।
कोयला ढुलाई से सर्वाधिक आय
वस्तुवार आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल से सितंबर के बीच कोयले की ढुलाई सबसे अधिक रही। इसके लिए 5,127 रेक संचालित किए गए और 20.19 मिलियन टन कोयले का परिवहन हुआ। यह कुल माल ढुलाई का 49.12 प्रतिशत है। इससे रेलवे को ₹1,852.90 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ।
कंटेनर परिवहन के तहत 4,757 रेक से 5.13 मिलियन टन माल की ढुलाई की गई और ₹494.45 करोड़ की आय हुई। पेट्रोलियम उत्पादों की ढुलाई से ₹373.31 करोड़, सीमेंट से ₹239.28 करोड़, लौह एवं इस्पात से ₹194.10 करोड़ तथा उर्वरकों की ढुलाई से ₹215.81 करोड़ का राजस्व अर्जित किया गया। अन्य वस्तुओं में लौह अयस्क, खाद्यान्न, ऑटोमोबाइल, क्लिंकर, चीनी, प्याज और गिट्टी शामिल हैं।
ऑटोमोबाइल परिवहन में भी वृद्धि
मध्य रेल ने अप्रैल से सितंबर 2026 के दौरान ऑटोमोबाइल की ढुलाई के लिए 551 रेक संचालित किए, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में 437 रेक का उपयोग किया गया था। इस तरह 114 रेक की वृद्धि हुई।
सितंबर महीने में कोयले की ढुलाई के लिए 836 रेक का इस्तेमाल हुआ, जबकि सितंबर 2025 में 452 रेक संचालित किए गए थे। ऑटोमोबाइल ढुलाई 80 से बढ़कर 104 रेक और लौह अयस्क की ढुलाई 42 से बढ़कर 89 रेक हो गई। वहीं, क्लिंकर परिवहन के लिए 42 के मुकाबले 59 रेक संचालित किए गए।
नए मार्गों पर माल ढुलाई शुरू
मध्य रेल ने माल परिवहन के नए अवसरों का भी विस्तार किया है। महाराष्ट्र के लोणी से हरियाणा के फरुखनगर तक पहली बार ऑटोमोबाइल की ढुलाई की गई, जिससे ₹73 लाख का राजस्व प्राप्त हुआ। इसके अलावा, कलंबोली में दो रेक की लोडिंग के साथ एक्सकेवेटर की ढुलाई दोबारा शुरू की गई। मिरज गुड्स शेड से भी दो रेक के माध्यम से कंटेनर लोडिंग फिर से शुरू हुई।
मध्य रेल के अनुसार, बुनियादी ढांचे में सुधार, माल ढुलाई टर्मिनलों की क्षमता बढ़ाने, माल की निर्बाध आवाजाही और नए माल स्रोतों को विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है। रेलवे का लक्ष्य माल ढुलाई सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाकर अपनी हिस्सेदारी बढ़ाना और देश की अर्थव्यवस्था के विकास में योगदान देना है।
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