राहुल गुप्ता
मुंबई, 27 सितंबर। ऑनलाइन फर्जीवाड़े का एक नया मामला सामने आया है। खुद को केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) का जवान बताकर एक साइबर ठग ने भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (बार्क) के एक रिटायर्ड अधिकारी और उनके परिवार को निशाना बनाया। आरोपी ने हैदराबाद स्थित मकान किराए पर लेने के नाम पर परिवार से अलग-अलग लेनदेन के जरिए कुल 1,70,735 रुपये ट्रांसफर करा लिए। रकम मिलने के बाद आरोपी ने मोबाइल फोन बंद कर दिया। शिकायत के आधार पर गोवंडी पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
रियल एस्टेट वेबसाइट पर दिया था मकान का विज्ञापन
पीड़ित परिवार ने हैदराबाद स्थित अपना मकान किराए पर देने के लिए एक रियल एस्टेट वेबसाइट पर विज्ञापन दिया था। 5 सितंबर को एक व्यक्ति ने परिवार से संपर्क किया और अपना नाम ‘दीपक पवार’ बताया। उसने खुद को सीआईएसएफ का जवान बताते हुए हैदराबाद में ट्रांसफर होने की बात कही और मकान किराए पर लेने में रुचि दिखाई।
व्हाट्सऐप पर भेजे फर्जी दस्तावेज
आरोपी ने परिवार का भरोसा जीतने के लिए व्हाट्सऐप के जरिए कथित पहचान पत्र और अन्य दस्तावेज भेजे। इसके बाद उसने सीआईएसएफ के माध्यम से प्रॉपर्टी की प्रक्रिया पूरी कराने का झांसा दिया। इसी बहाने उसने पीड़ित परिवार से अलग-अलग किस्तों में रकम ट्रांसफर करवा ली।
1.70 लाख रुपये लेने के बाद फोन किया बंद
पीड़ित परिवार ने आरोपी के बताए बैंक खातों में अलग-अलग लेनदेन के जरिए कुल 1,70,735 रुपये भेजे। रकम मिलने के बाद आरोपी ने अचानक अपना मोबाइल फोन बंद कर दिया। परिवार ने कई बार उससे संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद उन्हें साइबर ठगी का संदेह हुआ।
गोवंडी पुलिस ने शुरू की जांच
शिकायत मिलने के बाद गोवंडी पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है। पुलिस लेनदेन से जुड़े बैंक खातों, मोबाइल नंबर और व्हाट्सऐप पर भेजे गए दस्तावेजों की जांच कर रही है। पुलिस आरोपी की पहचान और उसके द्वारा इस्तेमाल किए गए बैंक खातों की जानकारी जुटाने में लगी है।
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