बाणगंगा की सुरक्षा के लिए मनपा के साथ नागरिक भी सहयोग करें : मंगल प्रभात लोढ़ा

न्यूज़म ब्यूरो

मुंबई, 5 अक्टूबर। वालकेश्वर स्थित ऐतिहासिक और पौराणिक महत्व वाले बाणगंगा तालाब में दूषित पानी के कारण बड़ी संख्या में मछलियों के मृत पाए जाने के बाद कैबिनेट मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने सोमवार को तालाब का निरीक्षण किया। इस दौरान मनपा के डी वार्ड के सहायक आयुक्त संतोष सालुंखे और स्थानीय नगरसेवक सन्नी सानप उपस्थित थे। लोढ़ा ने पितृपक्ष के दौरान तालाब की पवित्रता, स्वच्छता और जलजीवन के संरक्षण के लिए आवश्यक उपाय करने के निर्देश दिए।

पितृपक्ष में विशेष सावधानी के निर्देश

मंत्री ने कहा कि पितृपक्ष के दौरान बाणगंगा तालाब में पिंडदान सहित विभिन्न धार्मिक विधियों के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं। इन विधियों में इस्तेमाल होने वाली कुछ सामग्री तालाब में प्रवाहित किए जाने से पानी की गुणवत्ता प्रभावित होने के साथ जलजीवों पर भी प्रतिकूल असर पड़ सकता है। इसे देखते हुए नागरिकों से धार्मिक परंपराओं का पालन करते हुए पर्यावरण अनुकूल तरीके अपनाने की अपील की गई है।

तालाब के आसपास बनाए जाएंगे 10 कृत्रिम तालाब

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मनपा को तालाब परिसर में स्वच्छता और कचरा प्रबंधन के लिए तत्काल आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा तालाब के आसपास 10 कृत्रिम तालाब बनाए जाएंगे, ताकि धार्मिक विधियों के दौरान तालाब के पानी पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभाव को कम किया जा सके। दूषित पानी में ऑक्सीजन की मात्रा बढ़ाने के लिए पंपों की संख्या भी बढ़ाई जाएगी।

‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत स्वच्छता अभियान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर देशभर में चलाए जा रहे ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत वार्ड के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने बाणगंगा तालाब परिसर में स्वच्छता अभियान चलाया था। इससे पहले भी मनपा के वार्ड अधिकारियों के साथ तालाब परिसर का निरीक्षण किया गया था। पितृपक्ष के दौरान बढ़ने वाली भीड़ को देखते हुए तालाब या उसके आसपास धार्मिक सामग्री न डालने के लिए आवश्यक व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं।

पर्यावरण अनुकूल पिंडदान की अपील

लोढ़ा ने कहा कि पिंडदान के दौरान उपयोग की जाने वाली सामग्री यदि तालाब के पानी में छोड़ी जाती है, तो जलजीव उसे खा सकते हैं, जिससे उनके स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका रहती है। इसलिए नागरिक बाणगंगा तालाब में पिंडदान सहित अन्य धार्मिक विधियां पर्यावरण अनुकूल तरीके से करें।

तेल, घी और अन्य सामग्री पानी में न डालें

मंत्री ने नागरिकों से अपील की कि बाणगंगा की पवित्रता बनाए रखना केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें नागरिकों की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि नागरिक तालाब के पानी में तेल, घी, मिठाई अथवा अन्य सामग्री डालने से बचें। पितृपक्ष की शेष अवधि के साथ-साथ उसके बाद भी तालाब परिसर में स्वच्छता बनाए रखने के लिए मनपा आवश्यक सावधानी बरतेगी।

मंगल प्रभात लोढ़ा ने कहा कि बाणगंगा की ऐतिहासिक और धार्मिक महत्ता को बनाए रखते हुए जलजीवन की सुरक्षा करना सामूहिक जिम्मेदारी है। प्रशासन के प्रयासों के साथ नागरिकों का सहयोग भी जरूरी है।

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