पुणे में एमपीएससी की तैयारी कर रहे प्रथमेश देशमुख ने आत्महत्या कर ली। पुलिस के मुताबिक, वह आर्थिक दबाव में था और करीब ढाई लाख रुपये का कर्ज लौटाना था। मामले के बाद कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके छात्र के परिवार से मिलने पहुंच रहे हैं।
Rahul Gupta
पुणे, 10 सितंबर।
एमपीएससी यानी महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग की तैयारी कर रहे एक छात्र की आत्महत्या के बाद कॉकरोच जनता पार्टी सक्रिय हो गई है। पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके छात्र प्रथमेश देशमुख के परिवार से मिलने पहुंच रहे हैं। प्रथमेश ने पुणे में आत्महत्या की थी। पुलिस को शुरुआती जांच में आर्थिक परेशानी के कारण यह कदम उठाए जाने का शक है।
अभिजीत दीपके ने गुरुवार को सोशल मीडिया पर पोस्ट कर बताया कि वह एमपीएससी छात्र प्रथमेश देशमुख के शोकाकुल परिवार से मिलने जा रहे हैं। वहीं, पार्टी पदाधिकारी सौरभ दास के नोएडा पहुंचने की भी जानकारी सामने आई है, जहां वह प्रशासन की ओर से 5 लाख रुपये का नोटिस पाने वाले छात्र अक्षत से मुलाकात करेंगे।
पुणे में किराये के मकान में रह रहा था छात्र
पुलिस उपायुक्त कृषिकेश रावले ने बताया कि प्रथमेश देशमुख एमपीएससी परीक्षा की तैयारी के लिए पुणे के नवी पेठ इलाके में किराये के मकान में रह रहा था। वह सुबह अपने कमरे में फंदे से लटका हुआ मिला। इसके बाद कुछ स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी।
पुलिस के मुताबिक, आत्महत्या का सही समय पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। मामले की जांच जारी है।
सुसाइड नोट में कर्ज का जिक्र
पुलिस ने बताया कि प्रथमेश कथित तौर पर आर्थिक दबाव में था। उसे कई लोगों के करीब ढाई लाख रुपये लौटाने थे और उसका परिवार भी आर्थिक परेशानियों का सामना कर रहा था।
पुलिस को दो पन्नों का एक नोट मिला है। इसमें लोगों से लिए गए कर्ज और वापस की गई रकम से जुड़ी जानकारी दर्ज होने की बात सामने आई है। पुलिस के अनुसार, नोट में कई लोगों के नाम भी लिखे हैं।
पुलिस अब परिवार के सदस्यों से पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि प्रथमेश ने पैसे क्यों उधार लिए थे। मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
एमपीएससी में कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ प्रदर्शन
इस बीच एमपीएससी में कथित भ्रष्टाचार और पेपर लीक के खिलाफ महाराष्ट्र में प्रदर्शन भी हो रहे हैं। मंगलवार को छत्रपति संभाजीनगर में प्रदर्शन किया गया था। यह अभिजीत दीपके का गृहनगर भी है। प्रदर्शनकारियों ने आयोग के शीर्ष पदों पर साफ छवि वाले अधिकारियों की नियुक्ति की मांग की।
इससे पहले सोमवार को पुणे में भी प्रदर्शन हुआ था। संयोग से प्रथमेश ने पुणे में ही आत्महत्या की है।
परीक्षाओं की जांच की भी मांग
प्रदर्शनकारी पहले आयोजित की गई एमपीएससी परीक्षाओं को लेकर भी सवाल उठा रहे हैं और जांच की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि कोरोना महामारी के बाद हुई परीक्षाओं को लेकर भी कई सवाल हैं।
प्रदर्शन में शामिल एक छात्र ने कहा कि अभ्यर्थियों को यह पता होना चाहिए कि आखिर व्यवस्था में क्या हो रहा है। उसने बताया कि वह चार साल से पढ़ाई और परीक्षाओं की तैयारी कर रहा है और आरोप लगाया कि पैसे वाले लोग इसका फायदा उठा रहे हैं।
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