कांग्रेस या आम आदमी पार्टी की B टीम होने के आरोपों पर अभिजीत दीपके का पलटवार, बोले- स्कूलों को बेहतर बनाना किसी पार्टी का नहीं, बच्चों और देश के भविष्य का मुद्दा
न्यूज़म ब्यूरो
मुंबई, 4 सितंबर।
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के फाउंडर अभिजीत दीपके ने गुरुवार को उन आरोपों को खारिज किया कि उनका संगठन कांग्रेस या आम आदमी पार्टी की बी टीम के तौर पर काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि उनका मुख्य फोकस स्टूडेंट्स और एजुकेशन से जुड़े मुद्दों पर है। दीपके ने कहा कि जो लोग उन्हें किसी राजनीतिक दल की बी टीम बता रहे हैं, उन्हें पहले आपस में तय करना चाहिए कि आखिर वह किसकी बी टीम हैं।
बोले- हम स्टूडेंट्स की A टीम हैं
अभिजीत दीपके ने कहा कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उन्हें कांग्रेस की बी टीम बताते हैं, जबकि कुछ लोग आम आदमी पार्टी की बी टीम होने का आरोप लगाते हैं। उन्होंने कहा कि इन सभी लोगों को एक साथ बैठकर पहले यह तय करना चाहिए कि वह किसकी बी टीम हैं। उनके मुताबिक, सीजेपी खुद को स्टूडेंट्स की ए टीम मानती है।
उन्होंने कहा, “महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री कहते हैं कि मैं कांग्रेस की B टीम हूं, और कुछ कहते हैं कि मैं आम आदमी पार्टी की B टीम हूं। मुझे लगता है कि इन सभी लोगों को एक साथ बैठकर यह तय करना चाहिए कि मैं किसकी B टीम हूं। हमारे हिसाब से, हम स्टूडेंट्स की A टीम हैं।”
सरकारी स्कूलों को बेहतर बनाने के अभियान पर जोर
दीपके ने कहा कि सरकारी स्कूलों को बेहतर बनाने का अभियान किसी एक राजनीतिक संगठन की पहल के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों के नेताओं से शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने की कोशिशों का समर्थन करने की अपील की।
उन्होंने कहा कि स्कूलों को बेहतर बनाने का अभियान किसी एक संगठन का मुद्दा नहीं, बल्कि बच्चों और पूरे देश के भविष्य से जुड़ा विषय है। उनके अनुसार, जो भी मानता है कि स्कूलों में सुधार होना चाहिए, उसे इस दिशा में काम करना चाहिए।
बोले- शिवसेना और NCP के नेता भी कर रहे हैं काम
अभिजीत दीपके ने कहा कि अलग-अलग राजनीतिक दलों के नेता पहले से ही शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर काम कर रहे हैं। उन्होंने सवाल किया कि भाजपा को ऐसे अभियानों पर आपत्ति क्यों है।
उन्होंने कहा, “सिर्फ आम आदमी पार्टी ही नहीं, बल्कि शिवसेना भी इस पर काम कर रही है। महाराष्ट्र में NCP के लीडर भी इस पर काम कर रहे हैं। जिसे भी लगता है कि स्कूलों को बेहतर बनाया जाना चाहिए, उसका स्वागत किया जाना चाहिए।”
दीपके ने यह भी कहा कि सार्वजनिक पदों पर बैठे लोगों की शैक्षणिक योग्यता सार्वजनिक जांच के लिए खुली होनी चाहिए।
बोले- सार्वजनिक जीवन में डिग्री पर सवाल उठना चाहिए
दीपके ने कहा कि सार्वजनिक जीवन में रहने वाले किसी भी व्यक्ति की डिग्री और शैक्षणिक प्रमाणपत्रों की जानकारी सार्वजनिक होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि चुनाव लड़ने वाले और संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों की इस मामले में विशेष जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा, “पब्लिक लाइफ में किसी भी इंसान की डिग्री पर सवाल उठने चाहिए, और यह उस इंसान की जिम्मेदारी है कि वह अपनी डिग्री और एजुकेशनल सर्टिफिकेट पब्लिक में रखे। मुख्य जिम्मेदारी उन लोगों की है जो चुनाव लड़ते हैं और कॉन्स्टिट्यूशनल पोस्ट पर हैं।”
प्रधानमंत्री मोदी की डिग्री को लेकर उठाया सवाल
अभिजीत दीपके ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की शैक्षणिक योग्यता को लेकर भी सवाल उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री की डिग्री सार्वजनिक नहीं की गई और दिल्ली हाई कोर्ट ने इसे सार्वजनिक करने से मना किया था।
दीपके ने कहा, “हमारे प्रधानमंत्री पिछले 12 सालों से अपनी डिग्री नहीं दिखा रहे हैं, जबकि वह एक कॉन्स्टिट्यूशनल पोस्ट पर हैं। इसलिए मैं उन लोगों से कहना चाहता हूं जो मेरी डिग्री मांग रहे हैं कि वे प्रधानमंत्री से भी पूछें।”
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