
नागपुर, 6 सितंबर। राज्य के विभिन्न विभागों के महत्वपूर्ण डेटा की सुरक्षा, उपलब्धता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के लिए नागपुर में बनाया जा रहा आपदा पुनर्प्राप्ति (Disaster Recovery) डेटा सेंटर महत्वपूर्ण साबित होगा। इस केंद्र के पूरी तरह कार्यान्वित होने से सरकारी कामकाज अधिक सुरक्षित, विश्वसनीय और प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी। इसलिए केंद्र के शेष कार्यों को निर्धारित समयसीमा में तेजी से पूरा किया जाए। यह निर्देश राज्य के सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री एडवोकेट आशिष शेलार ने दिए।
शेलार ने गड्डीगोदाम मेट्रो स्टेशन पर करीब 14 हजार वर्गफुट क्षेत्र में बन रहे अत्याधुनिक डेटा सेंटर का निरीक्षण किया और अधिकारियों से परियोजना की प्रगति की जानकारी ली। इस दौरान इलेक्ट्रॉनिक्स, सूचना प्रौद्योगिकी एवं कृत्रिम बुद्धिमत्ता विभाग के नोडल अधिकारी लक्ष्मीकांत त्रिपाठी, महाराष्ट्र मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के कार्यकारी निदेशक संदीप बापट और महामेट्रो के महाप्रबंधक सुधाकर उराडे मौजूद रहे।
आपात स्थिति में सुरक्षा पर जोर
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के मार्गदर्शन में चल रही इस परियोजना को सरकारी सूचनाओं की सुरक्षा के लिहाज से अहम बताते हुए शेलार ने आपात स्थिति में डेटा सेंटर की कार्यक्षमता और सुरक्षा मजबूत करने के लिए विशेष योजना बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से आगामी चरणों की तैयारियों और कार्ययोजना की जानकारी भी ली।
कूलिंग सिस्टम की व्यवस्था की समीक्षा
निरीक्षण के दौरान शेलार ने सर्वर रूम, कंट्रोल रूम, विभिन्न महत्वपूर्ण कक्ष, इमरजेंसी यूनिट और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने सर्वरों को लगातार ठंडा रखने के लिए आवश्यक कूलिंग सिस्टम, पानी की उपलब्धता और वैकल्पिक व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने को कहा।
मंत्री ने लंबित कार्यों को समय पर पूरा करने के लिए विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने और परियोजना की गति पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए।
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