वर्षा गायकवाड़ का सवाल—महाराष्ट्र में संविधान का शासन है या जंगलराज?
न्यूज़म ब्यूरो
मुंबई, 5 अक्टूबर। आदिवासी छात्रों के आंदोलन के दौरान कांग्रेस कार्यालय में पुलिस कार्रवाई को लेकर मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष एवं सांसद वर्षा गायकवाड़ ने राज्य सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि अपनी मांगों को लेकर मुंबई पहुंचे आदिवासी छात्र रात में कांग्रेस कार्यालय में आराम कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें नींद से जगाकर हिरासत में लिया। गायकवाड़ ने सवाल किया कि महाराष्ट्र में संविधान का शासन है या जंगलराज।
कांग्रेस कार्यालय में पुलिस प्रवेश पर सवाल
वर्षा गायकवाड़ ने कहा कि आदिवासी छात्र अपनी मांगों को लेकर मुंबई आए हैं और उनके साथ संवाद करने के बजाय पुलिस कार्रवाई की गई। उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर निशाना साधते हुए कहा, “कांग्रेस कार्यालय में पुलिस भेजने की हिम्मत कैसे हुई? यदि पुलिस कांग्रेस कार्यालय में घुस सकती है, तो क्या हम वर्षा बंगले में घुसें?” उन्होंने कहा कि आंदोलन करना हर नागरिक का अधिकार है और छात्रों को अपनी बात रखने का अवसर मिलना चाहिए।
टिळक भवन पहुंचकर छात्रों से की मुलाकात
कांग्रेस कार्यालय में पुलिस कार्रवाई की जानकारी मिलने के बाद सांसद वर्षा गायकवाड़ टिळक भवन पहुंचीं और वहां मौजूद छात्रों से मुलाकात कर उनकी स्थिति की जानकारी ली। पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि आदिवासी छात्र न्याय और अपनी मांगों को लेकर मुंबई आए हैं। उनके अनुसार, मुख्यमंत्री को छात्रों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं समझनी चाहिए थीं, लेकिन इसके बजाय उन पर पुलिस कार्रवाई की गई।
कांग्रेस कार्यालय को पुलिस छावनी बनाने का आरोप
गायकवाड़ ने आरोप लगाया कि टिळक भवन कांग्रेस कार्यालय के दरवाजे हमेशा सभी के लिए खुले रहते हैं, लेकिन पुलिस ने वहां बैरिकेडिंग कर दी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कार्यालय को पुलिस छावनी में बदलने जैसा माहौल बनाया गया है और छात्रों की आवाजाही पर रोक लगाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि छात्र डरने वाले नहीं हैं और अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाते रहेंगे।
एमपीएससी आंदोलन का भी किया उल्लेख
वर्षा गायकवाड़ ने पुणे में एमपीएससी की मांगों को लेकर चल रहे छात्रों के आंदोलन का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि आदिवासी छात्रों के साथ-साथ पुणे में एमपीएससी के विद्यार्थी भी कई दिनों से आंदोलन कर रहे हैं। उनके अनुसार, इन आंदोलनों से आयोग की कार्यप्रणाली और उसकी विश्वसनीयता को लेकर छात्रों में उठ रहे सवाल सामने आए हैं।
एमपीएससी अध्यक्ष को लेकर भी सवाल
गायकवाड़ ने आरोप लगाया कि एमपीएससी अध्यक्ष को सरकार का समर्थन प्राप्त होने के कारण उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं की जा रही है। हालांकि, उन्होंने इस आरोप के समर्थन में कोई स्वतंत्र प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया। उन्होंने कहा कि छात्रों का सरकार और संबंधित संस्थाओं पर भरोसा कम हुआ है।
छात्रों के आंदोलन को कांग्रेस का समर्थन
मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस आदिवासी और एमपीएससी छात्रों की मांगों के साथ खड़ी है। उन्होंने सरकार से छात्रों के साथ संवाद कर उनकी समस्याओं का समाधान निकालने की मांग की। साथ ही उन्होंने कहा कि छात्रों की आवाज दबाने के बजाय उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।
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