चुनाव आयोग पर सीजेपी के आंदोलन से पहले गरमाया विवाद, मुंबई को ही क्यों चुना?

राहुल गुप्ता
मुंबई, 2 अक्टूबर। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कॉकroach जनता पार्टी (सीजेपी) आज मुंबई से अपने ‘जेल भरो आंदोलन’ की शुरुआत कर रही है। संगठन ने यह आंदोलन चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर को लेकर सवाल उठाते हुए घोषित किया है। मुंबई पुलिस ने शिवाजी पार्क में प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी थी, जिसके बाद सीजेपी संस्थापक अभिजीत दीपके ने जेल भरो आंदोलन का ऐलान किया था।

सीजेपी के मुताबिक, आंदोलन का तत्काल कारण एक जांच रिपोर्ट में चुनाव आयोग के भीतर एसआईआर और मतदाता नामों को लेकर सामने आए कथित मतभेद हैं। हालांकि, चुनाव आयोग ने अपने फैसलों को सर्वसम्मति से लिया गया बताया है।

महाराष्ट्र से आंदोलन शुरू करने के पीछे क्या वजह?

मुंबई में गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अभिजीत दीपके ने महाराष्ट्र को आंदोलन की शुरुआत के लिए चुनने की वजह 2024 के लोकसभा और विधानसभा चुनावों के नतीजों में आए बड़े अंतर को बताया।

उन्होंने सवाल उठाया कि 2024 के लोकसभा चुनाव में महाराष्ट्र की 48 सीटों में बीजेपी को 9 सीटें मिलने के करीब छह महीने बाद विधानसभा चुनाव में पार्टी 132 सीटों तक कैसे पहुंच गई। उनके अनुसार, इसी पृष्ठभूमि में मुंबई से आंदोलन शुरू करने का फैसला किया गया है।

2024 के लोकसभा चुनाव में महाराष्ट्र में बीजेपी ने 9 सीटें जीती थीं। उसके सहयोगी शिवसेना को 7 और एनसीपी को 1 सीट मिली थी, जबकि महाविकास अघाड़ी के घटक दलों ने कुल 30 सीटें जीती थीं। महाराष्ट्र के मुख्य निर्वाचन अधिकारी और निर्वाचन आयोग के चुनाव परिणाम रिकॉर्ड उपलब्ध हैं।

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विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने 132 सीटें जीतीं। शिवसेना को 57 और एनसीपी को 41 सीटें मिलीं। तीनों दलों को मिलाकर महायुति के पास 230 सीटें पहुंचीं। वहीं कांग्रेस को 16, शिवसेना (यूबीटी) को 20 और एनसीपी (शरदचंद्र पवार) को 10 सीटें मिलीं।

दीपके ने महाराष्ट्र के महत्व को बताते हुए मराठी में कहा, “दिल्लीचे ही तख्त राखतो महाराष्ट्र माझा”, यानी दिल्ली की सत्ता को भी महाराष्ट्र संभालता है।

गांधी जयंती पर ही क्यों रखा आंदोलन?

सीजेपी ने गांधी जयंती यानी 2 अक्टूबर को आंदोलन शुरू करने का फैसला किया है। संगठन के नेताओं का कहना है कि यह तारीख महात्मा गांधी के सत्य और अहिंसक आंदोलन से जुड़ी है।

शिवाजी पार्क में प्रदर्शन की अनुमति नहीं मिलने पर दीपके ने कहा कि वे सत्ता में बैठे लोगों के खिलाफ लड़ रहे हैं और महात्मा गांधी को याद करते हुए सवाल किया कि क्या ब्रिटिश शासन ने उन्हें आंदोलन की अनुमति दी थी। पुलिस ने पहले ही शिवाजी पार्क में प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार कर दिया था।

वरिष्ठ पत्रकार और शांति कार्यकर्ता जतिन देसाई के मुताबिक, मुंबई का महात्मा गांधी के आंदोलन से ऐतिहासिक संबंध रहा है। 9 अगस्त 1942 को तत्कालीन बंबई के ग्वालिया टैंक मैदान से भारत छोड़ो आंदोलन की शुरुआत की गई थी।

मुंबई के बाद दूसरे शहरों में भी आंदोलन

सीजेपी ने कहा है कि मुंबई के बाद आंदोलन को अन्य शहरों तक ले जाया जाएगा। संगठन ने गोवा, बेंगलुरु, कोलकाता और रांची में भी प्रदर्शन की घोषणा की है। इसके बाद आंदोलन को दिल्ली के जंतर-मंतर तक ले जाने की बात कही गई है।

सीजेपी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की है। अभिजीत दीपके ने कहा है कि उनका आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक ज्ञानेश कुमार पद से इस्तीफा नहीं देते।

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