1.92 लाख गणेश मूर्तियों का कृत्रिम तालाबों में विसर्जन
बीएमसी की व्यवस्था और अपील का असर
मुंबई, 30 सितंबर। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) की ओर से की गई व्यवस्थाओं और पर्यावरणपूरक गणेशोत्सव के लिए की गई अपील को मुंबई के गणेशभक्तों और गणेश मंडलों का जोरदार प्रतिसाद मिला। इस वर्ष मुंबई में विसर्जित कुल 1 लाख 97 हजार 382 गणेश मूर्तियों में से 1 लाख 92 हजार 237 यानी 97.27 प्रतिशत मूर्तियों का कृत्रिम तालाबों में विसर्जन किया गया। बीएमसी की ओर से उपलब्ध कराए गए 383 कृत्रिम तालाबों में यह विसर्जन हुआ।
6 फीट तक की मूर्तियों को कृत्रिम तालाबों में विसर्जन
कुल 1 लाख 92 हजार 237 मूर्तियों में 1 लाख 22 हजार 391 पीओपी और 69 हजार 846 शाडू मिट्टी की मूर्तियां शामिल हैं। वहीं, 6 फीट से अधिक ऊंचाई वाली 5 हजार 382 मूर्तियों का 67 प्राकृतिक विसर्जन स्थलों पर विसर्जन किया गया। इनमें 5 हजार 259 पीओपी और 123 शाडू मिट्टी की मूर्तियां शामिल थीं।
प्राकृतिक जलस्रोतों पर पर्यावरणीय प्रभाव कम करने का प्रयास

मुंबई के प्राकृतिक जलस्रोतों पर विसर्जन से होने वाले पर्यावरणीय प्रभाव को कम करने के लिए बीएमसी प्रशासन ने नागरिकों से कृत्रिम तालाबों में मूर्तियों का विसर्जन करने की अपील की थी। इसके लिए शहर में खाली भूखंडों, उद्यानों और मैदानों सहित नागरिकों के घरों के आसपास सुविधाजनक स्थानों पर कृत्रिम तालाब बनाए गए थे। इसके साथ ही व्यापक जनजागरूकता अभियान भी चलाया गया। इसका परिणाम यह रहा कि विभिन्न चौपाटियों पर विसर्जन के लिए होने वाली भीड़ में कमी देखने को मिली।
383 कृत्रिम और 67 प्राकृतिक विसर्जन स्थल उपलब्ध
बीएमसी प्रशासन ने इस वर्ष मुंबई में 383 कृत्रिम तालाब और 67 प्राकृतिक विसर्जन स्थल उपलब्ध कराए थे। 6 फीट तक की मूर्तियों के लिए कृत्रिम तालाबों का विकल्प उपलब्ध कराया गया था। इस व्यवस्था को गणेशभक्तों का व्यापक प्रतिसाद मिला।
शाडू मिट्टी और पर्यावरणपूरक रंग नि:शुल्क उपलब्ध

पर्यावरणपूरक गणेशोत्सव को बढ़ावा देने के लिए बीएमसी ने गणेशोत्सव से पहले ही विभिन्न उपाय किए थे। मूर्तिकारों को पर्यावरणपूरक गणेश मूर्तियां बनाने के लिए 940 मीट्रिक टन से अधिक शाडू मिट्टी नि:शुल्क उपलब्ध कराई गई। इसके अलावा पर्यावरणपूरक मूर्तियों के निर्माण के लिए 25,400 लीटर पर्यावरणपूरक रंग भी नि:शुल्क उपलब्ध कराया गया।
25 हजार से अधिक अधिकारी-कर्मचारी तैनात
गणेश मूर्ति विसर्जन को सुरक्षित और सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए बीएमसी ने व्यापक मनुष्यबल और मशीनरी तैनात की थी। विसर्जन व्यवस्था के लिए 25 हजार से अधिक अधिकारी और कर्मचारी कार्यरत रहे।
उच्च न्यायालय और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के निर्देशों के अनुरूप व्यवस्था
माननीय उच्च न्यायालय के निर्देशों, महाराष्ट्र सरकार की सूचनाओं तथा केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण मंडल की मार्गदर्शक सूचनाओं के अनुसार बीएमसी ने विभिन्न उपाय किए। इनमें कृत्रिम तालाबों की व्यवस्था, पर्यावरणपूरक मूर्तियों के निर्माण को प्रोत्साहन, विसर्जन स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था, निर्माल्य संकलन तथा विसर्जन के बाद मूर्तियों से संबंधित सामग्री के संकलन और प्रबंधन की व्यवस्था शामिल थी।
महापौर और आयुक्त ने गणेशभक्तों का आभार जताया
महापौर रितू तावडे, उपमहापौर संजय घाडी के मार्गदर्शन और महानगरपालिका आयुक्त अश्विनी भिडे के निर्देशानुसार इस वर्ष गणेशोत्सव के लिए विभिन्न व्यवस्थाएं की गईं। अतिरिक्त महानगरपालिका आयुक्त (पूर्व उपनगर) डॉ. अविनाश ढाकणे के नेतृत्व तथा उपायुक्त (परिमंडल-2) एवं गणेशोत्सव समन्वयक प्रशांत सपकाळे की देखरेख में अभियान को लागू किया गया। पर्यावरण संरक्षण के लिए पहल करने और कृत्रिम तालाबों के विकल्प को अपनाने के लिए महापौर, उपमहापौर और आयुक्त ने मुंबई के सभी गणेशभक्तों का आभार व्यक्त किया।
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