राहुल गुप्ता
मुंबई, 2 अक्टूबर। मुंबई में मीठी नदी की सफाई से जुड़े कथित 65 करोड़ रुपये के घोटाले में आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने अभिनेता डिनो मोरिया से शुक्रवार को करीब छह घंटे तक पूछताछ की। पूछताछ पूरी होने के बाद पुलिस ने उन्हें जाने दिया। अधिकारियों के मुताबिक, जांच की जरूरत के आधार पर मोरिया को आगे की पूछताछ के लिए दोबारा बुलाया जा सकता है।
ईओडब्ल्यू की यूनिट-4 ने मोरिया को कुछ दस्तावेजों के साथ कार्यालय बुलाया था। पूछताछ के दौरान इन दस्तावेजों की भी जांच की गई। मामला बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के मीठी नदी की सफाई के ठेके में कथित वित्तीय अनियमितताओं से जुड़ा है।
जांच में क्या सामने आया?
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, मीठी नदी से गाद हटाने के लिए इस्तेमाल होने वाले विशेष उपकरण, जिनमें ‘स्लज पुशर’ और ड्रेजिंग मशीनें शामिल थीं, कोच्चि की कंपनी मैटप्रॉप टेक्निकल सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड से खरीदे गए थे।
जांच एजेंसी का आरोप है कि मुख्य आरोपी केतन कदम और जय जोशी ने मैटप्रॉप के अधिकारियों तथा बीएमसी के स्टॉर्म वॉटर ड्रेन (एसडब्ल्यूडी) विभाग के अधिकारियों के साथ कथित मिलीभगत कर फर्जी बिल और बढ़ी हुई लागत के जरिए करीब 65 करोड़ रुपये की हेराफेरी की।
डिनो मोरिया का नाम कैसे आया?
जांच के दौरान डिनो मोरिया का नाम सामने आया। पुलिस सूत्रों के अनुसार, केतन कदम के कॉल डिटेल रिकॉर्ड में मोरिया और उनके भाई के साथ कई बार बातचीत सामने आई थी। इसके बाद ईओडब्ल्यू ने मोरिया और कदम के बीच कथित संबंधों तथा संभावित वित्तीय लेनदेन की जांच शुरू की।
पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि मोरिया और मामले के आरोपियों के बीच किस तरह के कारोबारी या वित्तीय संबंध थे और कथित घोटाले में अभिनेता की कोई भूमिका थी या नहीं।
इस मामले की जांच मुंबई पुलिस के अलावा केंद्रीय एजेंसियां भी कर रही हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) भी कथित मनी लॉन्ड्रिंग के पहलू से मामले की जांच कर रहा है।
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