जय कॉर्प मामले में ईडी की कार्रवाई , अलीबाग की 88.47 एकड़ जमीन जब्त, 2434 करोड़ रुपये के फंड में वित्तीय अनियमितताओं और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप

न्यूज़म ब्यूरो

मुंबई, 7 अक्टूबर। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के मुंबई जोनल कार्यालय-II ने जय कॉर्प लिमिटेड और अन्य के खिलाफ धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत बड़ी कार्रवाई की है। एजेंसी ने अलीबाग में स्थित 88.47 एकड़ जमीन को अस्थायी रूप से जब्त किया है। इस जमीन की मौजूदा बाजार कीमत करीब 336 करोड़ रुपये बताई गई है। मामला 2434 करोड़ रुपये के फंड में कथित वित्तीय अनियमितताओं, धन के गलत इस्तेमाल और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा है।ईडी ने मुंबई उच्च न्यायालय के 31 जनवरी 2025 के आदेश के बाद सीबीआई की आर्थिक अपराध शाखा, मुंबई द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर पीएमएलए के तहत जांच शुरू की थी। एफआईआर में जय कॉर्प लिमिटेड, अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर वेंचर कैपिटल लिमिटेड, अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर ट्रस्टीज लिमिटेड और अन्य के खिलाफ आरोप लगाए गए थे।

2006-07 में जुटाए गए थे 2434 करोड़ रुपये
ईडी की जांच के अनुसार, जय कॉर्प लिमिटेड ने 2006-07 में अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर वेंचर कैपिटल फंड शुरू किया था। इस फंड के जरिए सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और अन्य वित्तीय संस्थानों समेत बड़ी संख्या में निवेशकों से करीब 2434 करोड़ रुपये जुटाए गए। यह राशि देशभर में विभिन्न रियल एस्टेट परियोजनाओं को पूरा करने के लिए कई विशेष प्रयोजन कंपनियों में निवेश की गई थी।

सेबी ने फंड बंद करने का दिया था आदेश
जांच में सामने आया कि सेबी की मंजूरी के बिना फंड की अवधि को निर्धारित सीमा से आगे बढ़ाया गया था। इसके बाद सेबी ने फंड बंद करने का आदेश दिया और विशेष प्रयोजन कंपनियों में किए गए निवेश की परिसंपत्तियों का स्वतंत्र मूल्यांकन कराकर निवेशकों को बाहर निकलने का अवसर देने का निर्देश दिया। ईडी के मुताबिक, यूआईवीसीएफ के प्रबंधन की मिलीभगत से विशेष प्रयोजन कंपनियों में फंड की हिस्सेदारी का वास्तविक मूल्य कम करके 269.20 करोड़ रुपये आंका गया। इसके आधार पर निवेशकों को कम कीमत पर फंड से बाहर निकलने का अवसर दिया गया। जांच में यह भी पता चला कि फंड की बची हुई इकाइयों को जय कॉर्प लिमिटेड के प्रवर्तकों से जुड़ी पांच कंपनियों ने कथित तौर पर कम कीमत पर खरीदा।

अलीबाग की जमीन से जुड़ा मामला
जांच में सामने आया कि ऐसी ही एक विशेष प्रयोजन कंपनी नीलकंठ टाउनशिप एंड कंस्ट्रक्शन्स प्राइवेट लिमिटेड में यूआईवीसीएफ ने 51 करोड़ रुपये का निवेश किया था। इस राशि का इस्तेमाल अलीबाग में जमीन खरीदने के लिए किया गया। ईडी के अनुसार, इस कंपनी में फंड की हिस्सेदारी का वास्तविक बाजार मूल्य काफी कम दिखाया गया था। ईडी के मुताबिक, पांच कंपनियों द्वारा कम कीमत पर इकाइयां खरीदने से करीब 230 करोड़ रुपये की अवैध कमाई हुई। इसी आधार पर 31 अक्टूबर 2022 को विशेष प्रयोजन कंपनी की 230 करोड़ रुपये मूल्य की अचल संपत्तियों को जब्त करने का अस्थायी आदेश जारी किया गया था। इन संपत्तियों की मौजूदा बाजार कीमत करीब 336 करोड़ रुपये है।

Advertisement

पढ़ने के लिए धन्यवाद

आपका समय और भरोसा हमारे लिए बहुत मायने रखता है। अगर यह खबर आपके लिए उपयोगी रही, तो हमसे जुड़े रहें — हर ज़रूरी खबर के लिए Newsam को फ़ॉलो करें।

Add a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Advertisement
↑
Tap to Refresh