इंडिया गठबंधन के प्रदर्शन को लेकर शिंदे ने न्यायपालिका पर दबाव बनाने का आरोप लगाया; विदेशी ताकतों और अंतरराष्ट्रीय साजिश की आशंका भी जताई।
राहुल गुप्ता
मुंबई, 13 अक्टूबर। दिल्ली में सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकालने को लेकर राजनीतिक विवाद गहरा गया है। इंडिया गठबंधन की ओर से आयोजित इस मार्च में राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और गठबंधन के सांसद शामिल हुए। इस आंदोलन पर महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इसे देश के इतिहास का काला दिन बताते हुए राहुल गांधी और इंडिया गठबंधन की आलोचना की।
एकनाथ शिंदे ने कहा कि डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर ने देश को संविधान दिया और संवैधानिक संस्थाओं की स्थापना की। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकालना और उस पर दबाव बनाने की कोशिश करना एक अभूतपूर्व घटना है। उन्होंने राहुल गांधी और इंडिया गठबंधन की निंदा करते हुए सवाल उठाया कि लोकतंत्र में याचिका दायर करने का अधिकार है, लेकिन इसके लिए मार्च निकालकर कोर्ट तक पहुंचने का क्या औचित्य है?
न्यायपालिका पर दबाव बनाने का आरोप
शिंदे ने आरोप लगाया कि इस तरह के आंदोलन से भारतीय न्यायव्यवस्था पर दबाव बनाने की कोशिश की गई है। उन्होंने संबंधित नेताओं से माफी मांगने की मांग की। उनका कहना था कि विपक्ष के जरिए संविधान को कमजोर करने और लोकतंत्र का गला घोंटने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि देश में जो कुछ हो रहा है, वह राष्ट्रीय हित के लिए नुकसानदेह है। शिंदे ने इस पूरे घटनाक्रम में विदेशी शक्तियों की भूमिका होने की आशंका भी जताई और इसे अंतरराष्ट्रीय साजिश का हिस्सा होने की संभावना से जोड़ा। हालांकि, इन आरोपों के समर्थन में कोई स्वतंत्र प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया गया।
चुनावी हार को लेकर भी विपक्ष पर निशाना
एकनाथ शिंदे ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने चुनाव में जीत हासिल नहीं कर पाने के कारण इस तरह के कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष की मानसिकता केंद्र में सत्ता हासिल नहीं कर पाने से जुड़ी है और इसी वजह से ऐसे विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं।
शिंदे ने विपक्ष पर देश की स्थिरता और स्वतंत्रता को नुकसान पहुंचाने का आरोप भी लगाया। विदेशी शक्तियों और साजिश से जुड़े उनके दावे राजनीतिक आरोप हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
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