अमरावती संभाग में सूखे की स्थिति की समीक्षा, तालाबों की गाद निकालने के निर्देश
न्यूज़म ब्यूरो
वाशिम, 5 अक्टूबर । अमरावती संभाग में सूखे की स्थिति को देखते हुए मत्स्य पालन एवं बंदरगाह विकास मंत्री नितेश राणे की अध्यक्षता में वाशिम जिला परिषद कार्यालय में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में संभाग के विभिन्न जिलों में वर्षा की स्थिति, उपलब्ध जलस्रोतों, जल भंडारण तथा सूखे के कारण मछुआरा समुदाय के सामने उत्पन्न समस्याओं की विस्तृत समीक्षा की गई।
वर्षा और जलस्रोतों की स्थिति की जानकारी
बैठक में ‘ट्रिगर-1’ के तहत सूखे की स्थिति की समीक्षा करते हुए मंत्री राणे ने विभिन्न जिलों में मौजूद तालाबों और जलाशयों की संख्या, सूख चुके जलाशयों तथा पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष हुई बारिश की स्थिति की जानकारी संबंधित अधिकारियों से ली।
जल भंडारण क्षमता बढ़ाने पर जोर
मंत्री राणे ने कहा कि संभाग में ‘ट्रिगर-1’ की स्थिति को देखते हुए उपलब्ध जलस्रोतों का संरक्षण करने के साथ ही पानी जमा करने की क्षमता बढ़ाने के लिए तत्काल उपाय किए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने अधिकारियों को तालाबों में जमा गाद निकालने के लिए अभियान चलाने तथा आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
तालाबों से गाद निकालने से उनकी पानी जमा करने की क्षमता बढ़ाने में मदद मिलेगी। इसलिए सूखे की स्थिति से निपटने के लिए जलस्रोतों के संरक्षण और उनकी क्षमता बढ़ाने वाले कार्यों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए।
सूखे से प्रभावित मछुआरों को मिलेगी सहायता
बैठक में सूखे के कारण जलस्रोतों में पानी की कमी से मछली पालन पर पड़ने वाले प्रभाव की भी समीक्षा की गई। राणे ने संबंधित विभागों को पानी की उपलब्धता और आवश्यक उपायों के साथ-साथ सूखे से प्रभावित मछुआरा समुदाय को जरूरी सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
मत्स्य योजना का लाभ जमीनी स्तर तक पहुंचाने के निर्देश
मंत्री ने ‘मुख्यमंत्री मत्स्य संपदा योजना’ के अधिक से अधिक शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि योजना की जानकारी गांव-गांव तक पहुंचाई जाए और पात्र मछुआरों को इसका लाभ दिलाने के लिए संबंधित विभाग प्रभावी ढंग से काम करें।
जनप्रतिनिधि और अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में विधायक श्याम खोडे, विधायक भावनाताई गवली, विधायक सई डहाके, मत्स्य आयुक्त भानुदास पालवे, अमरावती संभाग के विभिन्न जिलों के सहायक मत्स्य आयुक्त तथा संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में सूखे से निपटने, जलस्रोतों के संरक्षण और प्रभावित मछुआरों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के उपायों पर चर्चा की गई।
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