नकल करते पकड़े गए तो भी नहीं रुकेगा पेपर, आईआईटी बॉम्बे क्यों बदलने जा रहा है परीक्षा का नियम?

छात्र साहिल वाकोडे की मौत के बाद 8 सदस्यीय समिति ने दिए सुझाव, परीक्षा के बाद विद्यार्थियों को अकेला न छोड़ने की भी तैयारी

राहुल गुप्ता

मुंबई, 9 अक्टूबर। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) बॉम्बे अपनी परीक्षा व्यवस्था में बदलाव करने की तैयारी कर रहा है। छात्र साहिल वाकोडे की कथित आत्महत्या के बाद परीक्षा में नकल और अनुचित तरीकों के इस्तेमाल के आरोपों से निपटने के लिए नए नियमों पर विचार किया जा रहा है। प्रस्तावित बदलावों के तहत नकल का संदेह होने पर भी छात्र को परीक्षा पूरी करने का मौका दिया जाएगा। साथ ही, मामले की जांच और अनुशासनात्मक कार्रवाई के दौरान छात्र को अपना पक्ष रखने का अवसर देने तथा परीक्षा के तुरंत बाद उसे अकेला न छोड़ने की व्यवस्था भी प्रस्तावित है। इन नियमों को अभी मंजूरी मिलनी बाकी है।

8 सदस्यीय समिति ने दिए बदलाव के सुझाव

प्रस्तावित नियमों को आईआईटी बॉम्बे की 8 सदस्यीय समिति ने तैयार किया है। इसमें 4 शिक्षक और 4 छात्र शामिल हैं। समिति ने बुधवार को संस्थान की सीनेट की विशेष बैठक में अपनी अंतरिम रिपोर्ट पेश की।

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यह समिति बीटेक द्वितीय वर्ष के छात्र साहिल वाकोडे की कथित आत्महत्या के बाद गठित की गई थी। साहिल ने 18 सितंबर को आत्महत्या की थी। समिति के सुझावों का उद्देश्य परीक्षा के दौरान नकल या अनुचित साधनों के इस्तेमाल के संदेह से जुड़े मामलों को संभालने की प्रक्रिया में बदलाव करना है, ताकि ऐसी स्थिति में छात्र को तत्काल सहायता मिल सके।

नकल का संदेह होने पर मिलेगी नई उत्तर-पुस्तिका

प्रस्तावित नियमों के अनुसार, यदि परीक्षा के दौरान निरीक्षक को किसी छात्र पर नकल करने का संदेह होता है, तो वह संबंधित सामग्री जब्त कर सकता है। इसके बाद घटना को रिकॉर्ड में दर्ज करके छात्र को नई उत्तर-पुस्तिका दी जाएगी, ताकि वह अपनी परीक्षा जारी रख सके।

निरीक्षक को एक निर्धारित फॉर्म में पूरी घटना का विवरण दर्ज करना होगा। इसके बाद नकल के मामले में आगे की कार्रवाई निरीक्षक के बजाय अनुशासनात्मक कार्रवाई समिति करेगी।

छात्र को अपना पक्ष रखने का मिलेगा मौका

प्रस्तावित व्यवस्था में आरोपी छात्र को अपना पक्ष रखने का अवसर देने की बात कही गई है। छात्र संस्थान के कर्मचारियों की मौजूदगी में अपना बयान अलग से दर्ज करा सकेगा। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी मामले में आगे की कार्रवाई से पहले संबंधित छात्र की बात भी सुनी जाए।

परीक्षा खत्म होते ही हेल्पलाइन को भेजा जाएगा अलर्ट

प्रस्तावित नियमों में परीक्षा के बाद छात्रों की सुरक्षा और सहायता पर भी जोर दिया गया है। इसके तहत परीक्षा समाप्त होने के बाद संबंधित मामले की सूचना त्वरित प्रतिक्रिया दल (क्यूआरटी) की हेल्पलाइन को दी जाएगी।

छात्र के परीक्षा हॉल से बाहर निकलते ही हेल्पलाइन को अलर्ट भेजने का प्रस्ताव है, ताकि जरूरत पड़ने पर उसे तत्काल सहायता मिल सके और परीक्षा के तुरंत बाद उसे अकेला न छोड़ा जाए।

सख्त नियमों पर रोक, फिलहाल 2015 के प्रावधान लागू

आईआईटी बॉम्बे में नकल और अनुचित साधनों के इस्तेमाल से जुड़े सख्त नियम जुलाई से लागू किए गए थे। इन नियमों ने 2015 की व्यवस्था की जगह ली थी। नए प्रावधानों के तहत परीक्षा हॉल में मोबाइल फोन ले जाते हुए पकड़े जाने पर छात्र को फेल एंड रिपीट (एफआर) ग्रेड देने और एक सेमेस्टर के लिए निलंबित करने का प्रावधान था।

हालांकि, संस्थान ने नए नियमों पर फिलहाल रोक लगा दी है और अंतरिम तौर पर 2015 के नियम फिर से लागू किए हैं। पुरानी व्यवस्था में परीक्षा हॉल में फोन ले जाने पर एक ग्रेड की कटौती और फोन का इस्तेमाल करने पर एफआर ग्रेड देने का प्रावधान था।

अब सीनेट की मंजूरी के बाद ही प्रस्तावित संशोधित नियमों को लागू करने पर अंतिम फैसला लिया जाएगा।

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