नागपुर स्नातक सीट पर नाराजगी दूर करने का दावा, मुख्यमंत्री ने पुराने कार्यकर्ताओं को उचित स्थान देने और कार्यप्रणाली में बदलाव की बात स्वीकार की।
राहुल गुप्ता
नागपुर, 12 अक्टूबर। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने दावा किया है कि नागपुर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा से बगावत कर नामांकन दाखिल करने वाले अनिल सोले की नाराजगी दूर कर ली गई है। उन्होंने कहा कि सोले अब पार्टी के साथ रहेंगे और भाजपा उम्मीदवार को जिताने के लिए काम करेंगे।
क्यों नाराज हुए थे अनिल सोले?
नागपुर स्नातक सीट पर अनिल सोले के बागी रुख के बाद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने उनसे बातचीत की। फडणवीस के मुताबिक, सोले जिन मुद्दों को लेकर नाराज थे, उन पर चर्चा की गई और उनकी मांगों को स्वीकार किया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें पहले से भरोसा था कि अनिल सोले जैसे पुराने और समर्पित कार्यकर्ता पार्टी को नुकसान नहीं पहुंचाएंगे। उनके अनुसार, सोले की नाराजगी पार्टी से नहीं, बल्कि उसकी कार्यप्रणाली से थी।
पुराने कार्यकर्ताओं को भी मिले उचित स्थान
फडणवीस ने बताया कि अनिल सोले का मानना था कि पार्टी चाहे कितनी भी बड़ी हो जाए, पुराने कार्यकर्ताओं को भी काम और संगठन में उचित स्थान मिलना चाहिए। इस मुद्दे पर दोनों के बीच चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री ने यह भी स्वीकार किया कि पार्टी की कार्यप्रणाली में बदलाव करने की जरूरत है। उनके अनुसार, बातचीत के बाद सोले ने पार्टी के साथ रहने और भाजपा उम्मीदवार की जीत के लिए काम करने का फैसला किया है।
बगावत के बाद अब भाजपा के पक्ष में काम करेंगे सोले
अनिल सोले की नाराजगी दूर होने के फडणवीस के दावे के बाद नागपुर स्नातक सीट पर भाजपा की रणनीति को लेकर चर्चा तेज हो गई है। मुख्यमंत्री ने भरोसा जताया कि सोले पार्टी उम्मीदवार को जिताने के लिए सक्रिय भूमिका निभाएंगे।
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