मुंबई, 27 सितंबर। महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर राहुल गांधी को लेकर लगातार बयान देने को लेकर निशाना साधा। उन्होंने सवाल किया कि चुनाव आयोग के कामकाज को लेकर कांग्रेस द्वारा उठाए गए सवालों का जवाब मुख्यमंत्री क्यों दे रहे हैं? क्या देवेंद्र फडणवीस चुनाव आयोग के प्रवक्ता हैं? फडणवीस राहुल गांधीं कि नहीं, महाराष्ट्र के किसानों की चिंता करें ।
मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया पर उठे सवाल
सपकाल ने कहा कि राहुल गांधी द्वारा मतदाता सूचियों और चुनाव प्रक्रिया को लेकर उठाए गए सवालों से चुनाव व्यवस्था में पारदर्शिता का मुद्दा सामने आया है। उन्होंने दावा किया कि दो चुनाव आयुक्तों द्वारा लिखित रूप में उठाई गई आपत्तियों से ‘वोट चोरी’ के आरोपों को बल मिला है। उनके अनुसार, इन सवालों का तथ्यों के आधार पर जवाब देने के बजाय भाजपा नेता राहुल गांधी पर व्यक्तिगत टिप्पणियां कर रहे हैं।
फडणवीस के निर्वाचन क्षेत्र का मुद्दा उठाया
सपकाल ने कहा कि राहुल गांधी ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के निर्वाचन क्षेत्र में महज पांच महीनों में मतदाताओं की संख्या में आठ प्रतिशत की वृद्धि का मुद्दा उठाया था। उन्होंने कहा कि इसी वजह से मुख्यमंत्री राहुल गांधी के सवालों को लेकर लगातार प्रतिक्रिया दे रहे हैं।
जनता के मुद्दों पर सरकार को घेरा
सपकाल ने आरोप लगाया कि राज्य में किसानों, बेरोजगार युवाओं और आम नागरिकों के सवालों पर ठोस जवाब देने के बजाय राहुल गांधी की आलोचना करना सरकार का प्रमुख मुद्दा बन गया है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग के कामकाज पर सवाल उठे हैं तो उनका जवाब आयोग को ही देना चाहिए। मुख्यमंत्री को आयोग का पक्ष रखने के बजाय महाराष्ट्र की जनता के सवालों का जवाब देना चाहिए।
किसानों की समस्याओं पर ध्यान देने की मांग
सपकाल ने कहा कि मुख्यमंत्री को राहुल गांधी की बजाय महाराष्ट्र के किसानों की समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने किसानों पर बढ़ते कर्ज, फसलों के नुकसान और परिवारों पर आए आर्थिक संकट का उल्लेख करते हुए सरकार से ठोस कदम उठाने की मांग की।
सूखा प्रभावित किसानों को मदद कब मिलेगी?
सपकाल ने मुख्यमंत्री से पूछा कि सूखा प्रभावित लोगों को आर्थिक सहायता कब मिलेगी, चारा शिविर कब शुरू किए जाएंगे और फसल नुकसान झेलने वाले किसानों के खातों में सहायता राशि कब जमा होगी। उन्होंने कहा कि सरकार को इन सवालों के स्पष्ट जवाब देने चाहिए।
‘मुख्यमंत्री पद छोड़कर चुनाव आयोग के प्रवक्ता बनें’
सपकाल ने तंज कसते हुए कहा कि यदि मुख्यमंत्री राज्य की समस्याओं का समाधान नहीं कर पा रहे हैं, तो उन्हें मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देकर पूर्णकालिक चुनाव आयोग के प्रवक्ता के रूप में काम करना चाहिए।
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