महाराष्ट्र के 18 जिलों में सामान्य से 20% कम बारिश, लातूर में सूखे का जायजा लेने पहुंचे मुख्यमंत्री; बुलढाणा में मक्के की फसल चौपट, कांग्रेस ने विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की मांग की
राहुल गुप्ता
लातूर, 24 सितंबर। महाराष्ट्र के 18 जिले इस बार सूखे की चपेट में हैं। इन जिलों में सामान्य से 20% कम बारिश हुई है। अमरावती, सोलापुर, अहिल्यानगर, अकोला, बुलढाणा और लातूर जैसे जिलों में बारिश सामान्य से करीब 50% कम रही है। मराठवाड़ा, विदर्भ और उत्तर महाराष्ट्र में पानी की कमी से लोगों के साथ किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। सिंचाई के लिए पानी नहीं मिलने से फसलें सूख रही हैं और पशुओं के लिए चारे का संकट भी खड़ा हो गया है।
किसान के सामने पहुंचे फडणवीस तो बदल गया माहौल
महाराष्ट्र सरकार ने अगस्त के आखिरी सप्ताह से ही सूखे और फसल नुकसान का सर्वे शुरू कर दिया है। किसानों को राहत देने के लिए सरकार की ओर से योजना भी तैयार की जा रही है। इसी सिलसिले में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने लातूर के प्रभावित इलाकों का दौरा किया।
फडणवीस गांवों में पहुंचे और सोयाबीन के खेतों में जाकर फसलों की स्थिति देखी। उन्होंने किसानों से बातचीत कर बारिश की कमी और फसल को हुए नुकसान की जानकारी ली।
किसान कुछ बोल नहीं पाया, फडणवीस ने लगा लिया गले
जाउ गांव में मुख्यमंत्री जब सोयाबीन के खेत में एक किसान से बात कर रहे थे तो उन्होंने उससे फसल के नुकसान के बारे में पूछा। किसान इस कदर भावुक हो गया कि वह अपनी बात नहीं बता सका और रोने लगा।
किसान को रोता देख फडणवीस ने उसे गले लगा लिया और सांत्वना दी। मुख्यमंत्री ने किसान से कहा कि वह चिंता न करे और सरकार किसानों की हर संभव मदद करेगी।
बुलढाणा में मक्के की फसल हुई चौपट
सूखे के हालात का जायजा लेने के लिए उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने भी बुलढाणा का दौरा किया। जिले के कई इलाकों में कम बारिश के कारण मक्के की फसल को भारी नुकसान हुआ है।
एकनाथ शिंदे ने कहा कि कई इलाकों में हालात ज्यादा खराब हैं। उन्होंने संकेत दिया कि सूखे की स्थिति से निपटने के लिए महाराष्ट्र सरकार केंद्र सरकार से भी मदद मांगेगी।
कांग्रेस ने विशेष विधानसभा सत्र की मांग की
वहीं, विपक्ष ने सरकार की तैयारियों पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने कहा कि फिलहाल मौसम ठीक है, लेकिन गर्मी बढ़ने के साथ हालात और गंभीर हो सकते हैं।
उन्होंने सरकार से विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की मांग की है। वडेट्टीवार के मुताबिक, इस सत्र में सभी पक्षों की राय लेकर सूखे से निपटने की रणनीति तैयार की जानी चाहिए।
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