समाजवादी पार्टी के भिवंडी पूर्व विधायक रईस शेख ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी से की शिकायत
रीमा सिंह
मुंबई, 13 सितंबर।
चुनाव आयोग की ओर से चलाए गए विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के बावजूद हाल ही में जारी प्रारूप मतदाता सूची में बड़ी संख्या में पात्र मतदाताओं के नाम गायब हैं। इन खामियों को दूर करने के लिए SIR प्रक्रिया की अवधि दो महीने बढ़ाई जाए। यह मांग समाजवादी पार्टी के भिवंडी पूर्व विधायक रईस शेख ने राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी से की है।
रसीद होने के बावजूद मतदाता सूची से नाम गायब
विधायक रईस शेख ने अपने पत्र में कहा कि SIR अभियान के दौरान अनेक मतदाताओं ने वैध दस्तावेजों के साथ पंजीकरण आवेदन जमा किए और उन्हें इसकी रसीद भी मिली। इसके बावजूद प्रारूप मतदाता सूची में उनके नाम दिखाई नहीं दे रहे हैं। नए मतदाताओं के पंजीकरण के लिए जमा किए गए फॉर्म-6 तथा नाम में सुधार या पता बदलने के लिए दिए गए फॉर्म-8 के लाखों आवेदन अभी भी बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) के स्तर पर लंबित दिखाई दे रहे हैं।
नोटिस नहीं मिलने से मतदाताओं में असमंजस
शेख ने कहा कि मतदाता सूची में विसंगतियों और ‘नो-लिंकेज’ से संबंधित मामलों में वंचित मतदाताओं को चुनाव विभाग की ओर से कोई नोटिस, मोबाइल संदेश या फोन कॉल नहीं मिला है। इससे हजारों पात्र मतदाताओं में यह असमंजस बना हुआ है कि अंतिम मतदाता सूची में उनका नाम शामिल होगा या नहीं। भिवंडी, मदनपुरा, मानखुर्द और गोवंडी क्षेत्र के मतदाताओं में इसको लेकर चिंता है।
सर्वर की समस्या से आवेदन प्रक्रिया प्रभावित
विधायक ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग की वेबसाइट और मोबाइल ऐप पर लगातार सर्वर संबंधी समस्याएं सामने आ रही हैं। इसके कारण नागरिकों को नए आवेदन भरने और अपने आवेदन की स्थिति जांचने में परेशानी हो रही है। त्योहारों की छुट्टियों के दौरान BLO के स्तर पर भी काम प्रभावित होने की बात उन्होंने कही।
30 सितंबर की समय सीमा बढ़ाने की मांग
रईस शेख ने SIR की 30 सितंबर की निर्धारित अंतिम तिथि को दो महीने बढ़ाने की मांग की है। साथ ही जिन नागरिकों के पास SIR आवेदन की रसीद है, उनके नाम अंतिम मतदाता सूची में शामिल करने और BLO के पास लंबित आवेदनों का तत्काल निपटारा करने के निर्देश देने का आग्रह किया है।
ऑफलाइन आवेदन की व्यवस्था शुरू करने का आग्रह
सर्वर की समस्या को देखते हुए उन्होंने ऑफलाइन यानी प्रत्यक्ष आवेदन स्वीकार करने की व्यवस्था शुरू करने की मांग की है। उनका कहना है कि इससे तकनीकी समस्याओं के कारण आवेदन से वंचित रह रहे नागरिकों को राहत मिल सकेगी।
मताधिकार से वंचित न रहे कोई पात्र नागरिक
शेख ने राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी और ठाणे जिलाधिकारी को लिखे पत्र में कहा कि प्रत्येक पात्र नागरिक को मतदान का अधिकार मिलना उसका संवैधानिक अधिकार है। SIR प्रक्रिया के दौरान कोई भी पात्र मतदाता अपने मताधिकार से वंचित न रहे, यह सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है।
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