गोविंदाओं को मुफ्त इलाज की सुविधा

दहीहंडी के लिए बीएमसी की स्वास्थ्य व्यवस्था तैयार
105 बेड आरक्षित, घायल गोविंदाओं को मुफ्त इलाज की सुविधा
प्रमुख व उपनगरीय अस्पतालों में तीन शिफ्ट में डॉक्टर-कर्मचारियों की तैनाती

मोहम्मद मुकीम शेख
मुंबई,5 सितंबर। दहीहंडी उत्सव में बड़ी संख्या में गोविंदा पथकों की भागीदारी को देखते हुए बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने अस्पतालों में विशेष स्वास्थ्य व्यवस्था की है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए बीएमसी के प्रमुख और उपनगरीय अस्पतालों में 105 बेड आरक्षित रखे गए हैं। घायल गोविंदाओं को मुफ्त इलाज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।

अस्पतालों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश
अतिरिक्त महानगरपालिका आयुक्त (शहर) प्राजक्ता वर्मा-लवंगारे ने बीएमसी अस्पतालों के अधिष्ठाता, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक और चिकित्सा अधीक्षकों को दहीहंडी के दौरान विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। अस्पतालों को गोविंदाओं के इलाज के लिए जरूरी संसाधनों के साथ पूरी तरह तैयार रहने को कहा गया है। गोविंदाओं के घायल होने की स्थिति को देखते हुए लोकमान्य तिलक सर्वोपचार अस्पताल, शीव, केईएम अस्पताल, परेल और नायर अस्पताल, मुंबई सेंट्रल में विशेष उपचार व्यवस्था की गई है। इसके अलावा बीएमसी के 16 उपनगरीय अस्पतालों में कुल 105 बेड तैयार रखे गए हैं। जरूरत के अनुसार इन अस्पतालों में करीब 5 से 10 बेड आरक्षित किए गए हैं।

मामूली चोट पर प्राथमिक उपचार
बीएमसी की व्यवस्था के अनुसार मामूली रूप से घायल गोविंदाओं को प्राथमिक उपचार के बाद घर भेजा जाएगा। वहीं गंभीर चोट लगने या लंबे समय तक इलाज की जरूरत होने पर मरीजों को अस्पताल में भर्ती कर उपचार दिया जाएगा। इसके लिए अस्पतालों में तीन शिफ्ट में डॉक्टरों और चिकित्सा कर्मचारियों की तैनाती की गई है।

दवाओं और मशीनों की भी व्यवस्था
अस्पतालों में जरूरी दवाएं, इंजेक्शन, सर्जिकल सामग्री और पीओपी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रखने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही एक्स-रे सहित अन्य जरूरी चिकित्सा उपकरणों को भी चालू हालत में तैयार रखने को कहा गया है। बीएमसी प्रशासन ने डॉक्टरों और कर्मचारियों को पूरे उत्सव के दौरान सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं, ताकि किसी भी हादसे की स्थिति में गोविंदाओं को तत्काल चिकित्सा सुविधा मिल सके।

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