‘विहार’ टनल बोरिंग मशीन की साइट एक्सेप्टेंस टेस्ट पूरी; बीएमसी आयुक्त अश्विनी भिड़े ने किया कार्य का निरीक्षण, समयबद्ध निर्माण और सुरक्षा पर दिया जोर
न्यूज़म ब्यूरो
मुंबई, 19 अक्टूबर। मुंबई के पूर्वी और पश्चिमी उपनगरों को जोड़ने वाली महत्वाकांक्षी गोरेगांव-मुलुंड लिंक रोड (GMLR) परियोजना के तहत संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान के नीचे बनाई जा रही दोहरी सुरंग के निर्माण कार्य में तेजी आ रही है। परियोजना के चरण 3 (बी) के अंतर्गत पहली टनल बोरिंग मशीन (टीबीएम) ‘तुलसी’ अब तक 183 मीटर लंबी खुदाई पूरी कर चुकी है। वहीं, दूसरी टीबीएम ‘विहार’ की साइट एक्सेप्टेंस टेस्ट (SAT) भी पूरी हो गई है। इससे दूसरी सुरंग की खुदाई शुरू करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है।
बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) आयुक्त अश्विनी भिड़े ने सोमवार, 19 अक्टूबर 2026 को परियोजना स्थल का दौरा कर सुरंग निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। उन्होंने खुदाई की प्रक्रिया, मशीनों की कार्यक्षमता, निर्माण की गुणवत्ता, सुरक्षा व्यवस्था और परियोजना की प्रगति की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समयसीमा में काम पूरा करने के लिए प्रभावी योजना बनाने और आवश्यक उपाय तत्काल लागू करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान अतिरिक्त महानगरपालिका आयुक्त (परियोजना) अभिजीत बांगर, उपायुक्त प्रशांत गायकवाड, उपायुक्त (बुनियादी ढांचा परियोजनाएं) गिरीश निकम, प्रमुख अभियंता (पुल) राजेश मुळे, उपप्रमुख अभियंता (पुल) नरेश मेघराजानी सहित अन्य अधिकारी और अभियंता उपस्थित थे।
‘तुलसी’ से प्रतिदिन औसतन 5.5 मीटर खुदाई
गोरेगांव पूर्व स्थित दादासाहेब फाल्के चित्रनगरी से मुलुंड पश्चिम के अमर नगर तक संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान के नीचे दो समानांतर सुरंगों का निर्माण किया जा रहा है। प्रत्येक सुरंग लगभग 5.30 किलोमीटर लंबी होगी और इसमें तीन-तीन लेन होंगी।
परियोजना के तहत पहली टनल बोरिंग मशीन ‘तुलसी’ को 17 अगस्त 2026 को शुरू किया गया था। इसके बाद से अब तक 183 मीटर खुदाई पूरी हो चुकी है। वर्तमान में प्रतिदिन औसतन 5.5 मीटर खुदाई की जा रही है। सुरंग की संरचना का महत्वपूर्ण हिस्सा माने जाने वाले 87 रिंग सेगमेंट भी लगाए जा चुके हैं। इसके अलावा, अस्थायी रूप से छह अतिरिक्त रिंग सेगमेंट की स्थापना की गई है।
आयुक्त अश्विनी भिड़े ने मौके पर चल रहे काम का जायजा लिया और अधिकारियों से निर्माण की मौजूदा स्थिति की जानकारी प्राप्त की।
‘विहार’ मशीन की तकनीकी जांच पूरी
दूसरी सुरंग की खुदाई के लिए इस्तेमाल होने वाली टीबीएम ‘विहार’ की साइट एक्सेप्टेंस टेस्ट पूरी हो गई है। निर्धारित मानकों के अनुसार तकनीकी परीक्षण पूरा होने के बाद दूसरी सुरंग की खुदाई शुरू करने के लिए आवश्यक तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं।
दूसरी मशीन के जरिए काम शुरू होने से परियोजना के दोनों सुरंगों वाले हिस्से के निर्माण को गति मिलने की उम्मीद है।
गति के साथ सुरक्षा और गुणवत्ता पर भी जोर
निरीक्षण के दौरान आयुक्त अश्विनी भिड़े ने कहा कि सुरंग निर्माण का काम शुरू हो चुका है और एक सुरंग में 183 मीटर खुदाई पूरी की गई है। फिलहाल प्रतिदिन औसतन 5.5 मीटर खुदाई हो रही है, जिसे बढ़ाने की आवश्यकता है। परियोजना को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने के लिए निर्माण की गति लगातार बनाए रखना जरूरी है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि खुदाई के काम में किसी भी तरह की देरी रोकने के लिए जरूरी उपाय तत्काल किए जाएं। निर्माण की प्रगति, मशीनों की उपलब्धता, तकनीकी आवश्यकताओं और मानव संसाधन की नियमित समीक्षा की जाए। जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त कर्मचारियों और तकनीकी विशेषज्ञों की तैनाती भी की जाए।
सुरंग निर्माण को तकनीकी रूप से जटिल और चुनौतीपूर्ण बताते हुए उन्होंने श्रमिकों तथा अभियंताओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर जोर दिया। उन्होंने सभी चरणों में निर्धारित सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करने, जरूरी सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराने और संभावित जोखिमों को देखते हुए एहतियाती उपाय लागू करने के निर्देश दिए।
इसके साथ ही खुदाई से निकलने वाले मलबे के परिवहन और निपटान की उचित व्यवस्था करने तथा परियोजना स्थल और आसपास के क्षेत्र में स्वच्छता बनाए रखने को भी कहा।
दादासाहेब फाल्के चित्रनगरी तक 1.26 किलोमीटर लंबा फ्लाईओवर तैयार
गोरेगांव-मुलुंड लिंक रोड परियोजना के चरण 3 के तहत गोरेगांव में दादासाहेब फाल्के चित्रनगरी तक जाने वाले 1.26 किलोमीटर लंबे फ्लाईओवर का निर्माण कार्य भी पूरा हो गया है। आयुक्त अश्विनी भिड़े ने सोमवार सुबह इस फ्लाईओवर का निरीक्षण कर निर्माण कार्य की स्थिति और परियोजना से संबंधित अन्य पहलुओं की समीक्षा की।
यह फ्लाईओवर दिंडोशी न्यायालय से दादासाहेब फाल्के चित्रनगरी तक बनाया गया है। इसकी शुरुआत दिंडोशी न्यायालय के पास से होती है और यह चित्रनगरी तक पहुंचता है। इसमें तीन-तीन लेन की दोहरी व्यवस्था यानी कुल छह लेन हैं।
फ्लाईओवर का निर्माण एकल खंभे पर आधारित प्री-कास्ट प्रबलित कंक्रीट सेगमेंटल बॉक्स गर्डर तकनीक से किया गया है। सुरंग निर्माण के साथ इस फ्लाईओवर का पूरा होना गोरेगांव-मुलुंड लिंक रोड परियोजना की प्रगति में एक और महत्वपूर्ण पड़ाव है।
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