महाराष्ट्र में निजी अस्पतालों पर सरकार का बड़ा आदेश, अब रेट लिस्ट छिपाना नहीं होगा आसान

निजी अस्पतालों को मराठी और अंग्रेजी में इलाज की दरें प्रदर्शित करनी होंगी। नियम तोड़ने वाले संस्थानों पर प्रशासनिक कार्रवाई हो सकती है।

राहुल गुप्ता

मुंबई, 17 अक्टूबर। महाराष्ट्र सरकार ने निजी अस्पतालों और चिकित्सा संस्थानों के लिए अपनी स्वास्थ्य सेवाओं और सुविधाओं की दरों की सूची प्रदर्शित करना अनिवार्य कर दिया है। शुक्रवार को जारी सरकारी आदेश के मुताबिक, अस्पतालों को इलाज और अन्य चिकित्सा सुविधाओं की कीमतें इस तरह दिखानी होंगी कि मरीजों और उनके परिजनों को आसानी से जानकारी मिल सके। इसका उद्देश्य इलाज के खर्च में पारदर्शिता बढ़ाना और मरीजों को पहले से संभावित खर्च समझने में मदद करना है।

मराठी और अंग्रेजी में दिखानी होगी रेट लिस्ट

▶️सरकार ने निजी अस्पतालों के लिए 'वेटिंलेटर बिलिंग नियमों का पालन करना  अनिवार्य कर दिया है। इसके तहत अब अस्पतालों को मरीज को वेंटीलेटर पर ...

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सरकारी आदेश के अनुसार, अस्पतालों को अपनी सेवाओं की दरें मराठी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में प्रमुखता से प्रदर्शित करनी होंगी। इसके लिए इंक्वायरी काउंटर, हेल्प डेस्क और बिलिंग काउंटर पर रेट कार्ड तथा स्वास्थ्य सुविधाओं की पूरी जानकारी उपलब्ध करानी होगी।

इससे मरीज इलाज कराने से पहले विभिन्न सेवाओं की कीमतें समझ सकेंगे और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े फैसले बेहतर तरीके से ले पाएंगे। स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े कार्यकर्ता लंबे समय से ऐसी व्यवस्था लागू करने की मांग कर रहे थे। उनका मानना है कि इससे अधिक पैसे वसूलने और बिल को लेकर होने वाले विवादों में कमी आ सकती है।

विदेशी मरीजों के पैकेज की जानकारी भी जरूरी

मेडिकल वीजा पर भारत आने वाले विदेशी मरीजों का इलाज करने वाले अस्पतालों को उनके लिए लागू विशेष पैकेज की दरें भी स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करनी होंगी। सरकार का निर्देश है कि मरीजों को उपलब्ध सुविधाओं और उनके खर्च की पूरी जानकारी पारदर्शी तरीके से दी जाए।

इसके अलावा, अस्पतालों को दरों में बदलाव होने पर प्रदर्शित रेट लिस्ट को भी अपडेट करना होगा, ताकि मरीजों को पुरानी या गलत कीमतों के आधार पर जानकारी न मिले।

नियमों का पालन नहीं करने पर होगी कार्रवाई

सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग ने जिला सिविल सर्जनों और जिला एवं नगरपालिका स्वास्थ्य अधिकारियों को सभी निजी चिकित्सा संस्थानों तक इस आदेश की जानकारी पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, नियमों का पालन नहीं करने वाले संस्थानों के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई करने को कहा गया है।

सरकारी आदेश में महाराष्ट्र नर्सिंग होम रजिस्ट्रेशन रूल्स, 2021 की अनुसूची-3 के तहत आने वाली चिकित्सा सेवाओं और उपलब्ध सुविधाओं की दरों को अस्पताल आने वाले प्रत्येक व्यक्ति को आसानी से दिखाई देने वाली जगह पर प्रदर्शित करने का निर्देश दिया गया है। नई व्यवस्था का उद्देश्य अस्पतालों में इलाज की कीमतों को लेकर पारदर्शिता बढ़ाना और मरीजों के हितों की रक्षा करना है।

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