उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे से भाजपा प्रदेश मुख्य प्रवक्ता का आह्वान
मुंबई, 30 सितंबर। महाराष्ट्र में सूखे की स्थिति को देखते हुए भाजपा प्रदेश मुख्य प्रवक्ता नवनाथ बन ने उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे से 4 अक्टूबर को मुंबई में प्रस्तावित मोर्चे पर होने वाला खर्च रोककर वह राशि मराठवाड़ा और विदर्भ के सूखाग्रस्त किसानों की सहायता के लिए देने का आह्वान किया है। बुधवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित पत्रकार परिषद में बन ने यह बात कही।
कर्जमाफी की तीसरी किस्त जारी करने का दावा
बन ने कहा कि सरकार सूखे की स्थिति में किसानों के साथ मजबूती से खड़ी है और बुधवार को किसानों को कर्जमाफी की तीसरी किस्त भी दी गई है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में भी सरकार किसानों की मदद करेगी। उनके अनुसार, मौजूदा परिस्थितियों में सभी राजनीतिक दलों को किसानों के साथ खड़ा होना चाहिए।
मोर्चे के बजाय किसानों की मदद की अपील
नवनाथ बन ने कहा कि राज्य के किसान संकट से गुजर रहे हैं, ऐसे समय में मुंबई में मोर्चा निकालने के बजाय सूखाग्रस्त किसानों की सहायता करना अधिक जरूरी है। उन्होंने कहा कि राज ठाकरे से उम्मीद है कि वे सूखे के दौरान भारी खर्च वाला मोर्चा नहीं निकालेंगे। बन ने दावा किया कि यदि राजनीतिक दल किसानों के साथ मजबूती से खड़े नहीं हुए तो इसका असर भविष्य में उनके प्रति किसानों के रुख पर पड़ सकता है।
‘वर्क फ्रॉम होम’ को लेकर उद्धव ठाकरे पर निशाना
इंडिया गठबंधन की बैठक में उद्धव ठाकरे के वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए शामिल होने के संदर्भ में बन ने उनकी कार्यशैली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री रहते हुए भी उद्धव ठाकरे बैठकों में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल होते थे। बन ने तंज कसते हुए कहा कि क्या किसानों के लिए ‘वर्क फ्रॉम होम’ के जरिए खेती, जुताई और बुआई की जा सकती है। उन्होंने कहा कि यदि मोर्चा ऑनलाइन आयोजित किया जाए तो बचने वाली राशि किसानों की मदद के लिए दी जा सकती है।
जरूरत पड़ी तो सरकार कर्ज लेकर भी किसानों की मदद करेगी
बन ने कहा कि किसानों की सहायता के लिए सरकार को आवश्यकता पड़ी तो कर्ज लिया जाएगा, लेकिन किसानों को बेसहारा नहीं छोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार ने पहले भी समय-समय पर कर्ज लिया है और इसमें कोई गलत बात नहीं है। बन ने महायुति सरकार की किसान नीति को लेकर दावा किया कि सरकार किसानों के साथ मजबूती से खड़ी है।
ज्ञानेश कुमार को लेकर संजय राउत पर सवाल
चुनाव आयोग को लेकर शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के नेता संजय राउत की आलोचना पर भी नवनाथ बन ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सवाल किया कि 2024 के विधानसभा चुनाव के समय ज्ञानेश कुमार चुनाव आयुक्त नहीं थे, क्या राउत को इसकी जानकारी नहीं है। बन ने कहा कि यदि चुनाव आयोग के खिलाफ मोर्चा निकालना है तो अगले चुनाव में अभी तीन वर्ष का समय है।
जनता के समर्थन से सत्ता में आते हैं
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लंबे राजनीतिक कार्यकाल का उल्लेख करते हुए बन ने कहा कि वे चुनाव आयोग के कारण नहीं, बल्कि आम नागरिकों के समर्थन से सत्ता में हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा नेता और कार्यकर्ता लोगों के बीच जाकर काम करते हैं और किसानों की सहायता के लिए सरकार जल्द बड़ी घोषणा करेगी। बन ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा घर बैठकर शासन चलाने के बजाय जनता के बीच जाकर काम करने में विश्वास रखती है।
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