पानी की किल्लत के बीच महानगरपालिका ने सख्ती की तैयारी की है। रिसाव, अवैध नल कनेक्शन और पानी की बर्बादी रोकने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा।
राहुल गुप्ता
छत्रपति संभाजीनगर, 21 अक्टूबर। पानी की कमी के बीच छत्रपति संभाजीनगर महानगरपालिका ने पानी की बर्बादी रोकने के लिए सख्त कदम उठाने की तैयारी की है। घरों के बाहर पानी बहाने, पाइपलाइनों में रिसाव और अवैध नल कनेक्शन के मामलों में कार्रवाई की जाएगी। पहले नियम तोड़ने वालों को चेतावनी दी जाएगी, लेकिन इसके बाद भी लापरवाही जारी रहने पर 5 हजार से 25 हजार रुपये तक जुर्माना लगाया जा सकता है। बार-बार नियम तोड़ने वालों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने की भी तैयारी है।
मनपा आयुक्त अमोल येडगे ने अधिकारियों को अगले दस दिनों में विशेष अभियान तेज करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन ने नागरिकों से पानी बचाने और कहीं रिसाव दिखाई देने पर ‘जल बेल’ ऐप के माध्यम से शिकायत दर्ज कराने की अपील की है।
पहले चेतावनी, फिर 25 हजार रुपये तक जुर्माना
बुधवार, 21 अक्टूबर को भारतरत्न मौलाना अबुल कलाम आजाद अनुसंधान केंद्र में आयोजित बैठक में आयुक्त ने जलापूर्ति विभाग के अभियंताओं और संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पानी बचाने की जिम्मेदारी नागरिकों के साथ महानगरपालिका के अधिकारियों और कर्मचारियों की भी है।
अभियान के शुरुआती दो से तीन दिनों में पानी बर्बाद करने वालों को समझाइश देकर चेतावनी दी जाएगी। इसके बाद भी बर्बादी जारी रहने पर 5 हजार, 15 हजार से लेकर 25 हजार रुपये तक जुर्माना लगाया जा सकता है। बार-बार नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
रिसाव और अवैध कनेक्शनों की होगी जांच
महानगरपालिका अगले दस दिनों में शहर में पाइपलाइन के रिसाव, खराब वाल्व और अवैध नल कनेक्शनों की जांच के लिए विशेष अभियान चलाएगी। प्रत्येक क्षेत्र में सामने आए रिसाव की जानकारी अधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर देनी होगी।
आयुक्त ने यह भी निर्देश दिया कि पाइपलाइन से पानी बहने या शिकायत मिलने पर समय रहते कार्रवाई की जाए। मरम्मत में देरी और लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
‘जल बेल’ ऐप पर फोटो के साथ करें शिकायत
प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि कहीं पाइपलाइन से पानी बहता दिखाई दे, वाल्व में रिसाव हो या सार्वजनिक स्थान पर पानी व्यर्थ बहाया जा रहा हो, तो ‘जल बेल’ ऐप के माध्यम से शिकायत दर्ज कराएं। शिकायत के साथ संबंधित स्थान की तस्वीर और सटीक लोकेशन की जानकारी भी भेजनी होगी।
मनपा के अनुसार, उपलब्ध संपर्क माध्यमों से भी रिसाव की सूचना दी जा सकती है। शिकायतकर्ता की पहचान गोपनीय रखने की बात कही गई है, ताकि लोग बिना झिझक पानी की बर्बादी की जानकारी प्रशासन तक पहुंचा सकें।
जलापूर्ति का अंतराल तीन से सात दिन होने की चेतावनी
सिडको क्षेत्र के निरीक्षण के दौरान पानी की बर्बादी सामने आने पर आयुक्त अमोल येडगे ने नाराजगी जताई थी। उन्होंने चेतावनी दी थी कि यदि पानी का विवेकपूर्ण उपयोग नहीं किया गया, तो फिलहाल तीन दिन के अंतराल पर होने वाली जलापूर्ति को सात दिन के अंतराल पर करना पड़ सकता है।
ऐसी स्थिति से बचने के लिए प्रशासन पानी की बर्बादी रोकने पर जोर दे रहा है। नागरिकों से भी जरूरत के अनुसार पानी इस्तेमाल करने और रिसाव की तुरंत सूचना देने की अपील की गई है।
टैंकरों और पानी भरने की व्यवस्था पर भी नजर
अभियान के तहत अनधिकृत नल कनेक्शनों की पहचान कर कार्रवाई की जाएगी। टैंकरों में पानी भरते समय होने वाली बर्बादी रोकने के साथ उनके पंजीकरण क्रमांक और बीमा दस्तावेजों की भी जांच की जाएगी।
लाइनमैन और उपअभियंताओं को रोज सुबह अपने-अपने क्षेत्रों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं। पाइपलाइन में रिसाव या वाल्व टूटने की स्थिति में तत्काल मरम्मत सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है।
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