ठाणे में दो नाबालिगों पर 17 वर्षीय दोस्त की हत्या कर सोने की चेन लूटने का आरोप, सबूत मिटाने के लिए शव जलाया; 80 से 90 सीसीटीवी फुटेज खंगालने के बाद खुला मामला।
राहुल गुप्ता
ठाणे, 17 अक्टूबर। जन्मदिन की पार्टी मनाने और दोपहिया वाहन खरीदने के लिए पैसे जुटाने की चाह में दो नाबालिगों पर अपने ही 17 वर्षीय दोस्त की हत्या करने का आरोप है। पुलिस के मुताबिक, दोनों ने दोस्त को सुनसान जगह पर ले जाकर चाकू से हमला किया और फिर पत्थर से कुचलकर उसकी जान ले ली। इसके बाद सबूत मिटाने के लिए शव पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने कथित तौर पर ‘दृश्यम’ फिल्म के दृश्यों से प्रेरित होकर वारदात की योजना बनाई थी। कासारवडवली पुलिस ने दोनों नाबालिगों को हिरासत में लिया है।
24 सितंबर को घर से निकला, फिर नहीं लौटा
मृतक ठाणे के आजाद नगर इलाके में रहता था। वह 24 सितंबर की शाम घर से बाहर निकला था, लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटा। इसके बाद उसके पिता ने 25 सितंबर को कासारवडवली पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। शुरुआत में पुलिस ने अपहरण का मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू की।
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के मार्गदर्शन में जांच आगे बढ़ाई गई। पुलिस ने लापता किशोर के आसपास लगे करीब 80 से 90 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, लेकिन शुरुआत में कोई ठोस सुराग नहीं मिला।
वर्गमित्र ने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की
जांच के दौरान मृतक के दसवीं कक्षा तक के एक सहपाठी ने पुलिस और परिवार को गुमराह करने की कोशिश की। उसने दावा किया कि लापता किशोर एक अनजान लड़के के साथ सफेद रंग की दोपहिया गाड़ी पर घोड़बंदर रोड की तरफ गया था। उसने खुद भी दुखी होने का दिखावा किया, ताकि उस पर शक न हो।
हालांकि, पुलिस ने मृतक के मोबाइल फोन का तकनीकी विश्लेषण किया और उसके दोस्तों तथा रिश्तेदारों से पूछताछ जारी रखी। संदिग्धों के मोबाइल नंबरों की जांच के दौरान एक दोस्त के व्यवहार पर पुलिस को शक हुआ।
15 अक्टूबर को उससे दोबारा पूछताछ की गई। पुलिस के मुताबिक, इसी दौरान उसने एक अन्य दोस्त के साथ मिलकर हत्या करने की बात स्वीकार की।
झाड़ियों में मिला अधजला शव
आरोपियों से मिली जानकारी के बाद पुलिस ने ब्रह्मांड फेज-2 के पास सुनसान और घनी झाड़ियों वाले इलाके में तलाशी अभियान चलाया। अग्निशमन दल की मदद से झाड़ियों में तलाश की गई, जहां किशोर का अधजला शव मिला।
पुलिस उपायुक्त प्रशांत कदम के मुताबिक, दोनों हिरासत में लिए गए नाबालिग मृतक के सहपाठी थे। जांच में सामने आया कि एक आरोपी को जन्मदिन की पार्टी के लिए, जबकि दूसरे को दोपहिया वाहन खरीदने के लिए पैसे चाहिए थे। इसी वजह से उन्होंने कथित तौर पर दोस्त के गले से सोने की चेन लूटने की योजना बनाई और उसकी हत्या कर दी। करीब 12 से 13 दिन बाद शव बरामद हुआ।
‘दृश्यम’ देखकर बनाई थी साजिश
जांच के अनुसार, दोनों नाबालिगों को तकनीकी पहलुओं की जानकारी थी। पुलिस का कहना है कि उन्होंने ‘दृश्यम’ फिल्म के दृश्यों से प्रेरणा लेकर वारदात को अंजाम देने और सबूत मिटाने की कोशिश की।
पुलिस से बचने के लिए आरोपियों ने कथित तौर पर मृतक का मोबाइल फोन एक बस में फेंक दिया था। कुछ घंटे बाद फोन बंद हो गया। हालांकि, बस की आवाजाही और मोबाइल की लोकेशन से जुड़े तकनीकी विश्लेषण के आधार पर पुलिस ने जांच आगे बढ़ाई और मामले का खुलासा किया।
फिलहाल, दोनों नाबालिग पुलिस की हिरासत में हैं और मामले की आगे की जांच जारी है।
पढ़ने के लिए धन्यवाद
आपका समय और भरोसा हमारे लिए बहुत मायने रखता है। अगर यह खबर आपके लिए उपयोगी रही, तो हमसे जुड़े रहें — हर ज़रूरी खबर के लिए Newsam को फ़ॉलो करें।