मध्य प्रदेश से महाराष्ट्र आ रहे ट्रक को पकड़ने के लिए एफडीए टीम ने करीब छह घंटे तक किया पीछा, चाकन-तलेगांव चौक पर घेरकर की कार्रवाई
राहुल गुप्ता
पुणे, 19 सितंबर।
महाराष्ट्र में प्रतिबंधित गुटखा और पान मसाले की तस्करी के खिलाफ खाद्य और औषधि प्रशासन (एफडीए) ने बड़ी कार्रवाई की है। विभाग ने एक ट्रक से प्रतिबंधित पान मसाला और सुगंधित तंबाकू यानी गुटखा बरामद किया है। ट्रक समेत जब्त किए गए माल की कुल कीमत 1,13,54,600 रुपये आंकी गई है। मामले में ड्राइवर, सप्लायर, ट्रांसपोर्टर और वाहन मालिक समेत पांच लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
गुप्त सूचना के बाद शुरू हुआ अभियान
एफडीए को सूचना मिली थी कि मध्य प्रदेश से प्रतिबंधित गुटखा और पान मसाला लेकर एक टाटा ट्रक महाराष्ट्र की ओर आ रहा है। सूचना के आधार पर 18 सितंबर की दोपहर करीब 2 बजे विशेष अभियान शुरू किया गया।
शुरुआती जानकारी के अनुसार, ट्रक समृद्धि महामार्ग के रास्ते भिवंडी जाने वाला था। हालांकि, रास्ते में ट्रक ने अपना रूट बदल लिया और संगमनेर से पुणे की ओर बढ़ने लगा।
रूट बदलते ही सक्रिय हुईं एफडीए की टीमें
ट्रक के रास्ता बदलने की जानकारी मिलते ही एफडीए की अलग-अलग टीमें सक्रिय हो गईं। ठाणे डिवीजन की टीम को मुरबाड क्षेत्र में तैनात किया गया, जबकि पुणे डिवीजन की टीम ने राजगुरुनगर में निगरानी शुरू की।
अधिकारियों ने कई स्थानों पर निगरानी बढ़ाई और संदिग्ध ट्रक को रोकने के लिए टीमों के बीच समन्वय किया।
टोल प्लाजा पर रोकने की कोशिश नाकाम
राजगुरुनगर टोल प्लाजा पर खाद्य सुरक्षा अधिकारी लक्ष्मीकांत सावले ने ट्रक को रोकने की कोशिश की। हालांकि, चालक ने वाहन रोकने के बजाय उसकी रफ्तार बढ़ा दी और वहां से फरार हो गया।
इसके बाद एफडीए और स्थानीय पुलिस की टीमों ने ट्रक का पीछा शुरू किया। वाहन को पकड़ने के लिए यह कार्रवाई करीब छह घंटे तक चलती रही।
चाकन-तलेगांव चौक पर ट्रक को घेरा
करीब छह घंटे की मशक्कत के बाद एफडीए और स्थानीय पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए चाकन-तलेगांव चौक पर ट्रक को घेर लिया। इसके बाद वाहन की तलाशी ली गई।
तलाशी के दौरान ट्रक से भारी मात्रा में प्रतिबंधित पान मसाला और सुगंधित तंबाकू यानी गुटखा बरामद हुआ। ट्रक समेत जब्त किए गए पूरे माल की कीमत 1,13,54,600 रुपये बताई गई है।
पांच लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज
पूरी रात चली कानूनी प्रक्रिया के बाद 19 सितंबर की सुबह चाकन पुलिस स्टेशन में पांच लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। आरोपियों में ट्रक का ड्राइवर, सप्लायर, ट्रांसपोर्टर और वाहन मालिक समेत अन्य संबंधित व्यक्ति शामिल हैं।
अधिकारियों को आशंका है कि बरामद खेप किसी बड़े अवैध कारोबार का हिस्सा हो सकती है। इसी वजह से अब इस मामले में सप्लाई नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी जानकारी जुटाई जा रही है।
एफडीए ने की एमसीओसीए लगाने की मांग
एफडीए ने पुलिस से मामले की सप्लाई चेन, पैसों के लेन-देन और आरोपियों के पुराने रिकॉर्ड की गहराई से जांच करने का अनुरोध किया है।
विभाग का कहना है कि अगर जांच में किसी संगठित आपराधिक नेटवर्क के संचालन के सबूत मिलते हैं तो आरोपियों के खिलाफ महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (एमसीओसीए) के तहत भी कार्रवाई की जानी चाहिए। अब पुलिस और संबंधित एजेंसियां जब्त माल के स्रोत और इसके पीछे काम कर रहे नेटवर्क की जांच में जुटी हैं।
पढ़ने के लिए धन्यवाद
आपका समय और भरोसा हमारे लिए बहुत मायने रखता है। अगर यह खबर आपके लिए उपयोगी रही, तो हमसे जुड़े रहें — हर ज़रूरी खबर के लिए Newsam को फ़ॉलो करें।