हर महीने पहले और तीसरे गुरुवार को दो घंटे जनप्रतिनिधियों से मुलाकात के लिए तय करने का निर्देश, पत्रों का दो महीने में जवाब देना होगा
राहुल गुप्ता
मुंबई, 29 सितंबर। महाराष्ट्र सरकार ने राज्यभर के सरकारी कार्यालयों में विधायकों और सांसदों से मुलाकात के लिए हर महीने के पहले और तीसरे गुरुवार को दो घंटे का समय तय करने का निर्देश दिया है। सरकार ने जनप्रतिनिधियों के साथ व्यवहार को लेकर मौजूदा प्रोटोकॉल भी दोहराया है। हालांकि, किसी विधायक या सांसद को किसी आपराधिक या अन्य मामले में दोषी ठहराया जा चुका है, तो अधिकारियों को उनके साथ आम नागरिक की तरह व्यवहार करने के निर्देश दिए गए हैं।
सरकार ने यह निर्देश विधानसभा की विशेषाधिकार समिति की नाराजगी के बाद जारी किए हैं। समिति ने 1 सितंबर की बैठक में जनप्रतिनिधियों से व्यवहार को लेकर पहले जारी निर्देशों का ठीक से पालन नहीं होने पर असंतोष जताया था। नए निर्देशों में अधिकारियों को विधायकों और सांसदों के पत्रों का दो महीने के भीतर जवाब देने और उनके साथ निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार व्यवहार करने को कहा गया है।
इन मौकों पर अधिकारियों को खड़ा होने की जरूरत नहीं
सरकारी कार्यालय में विधायक या सांसद पहुंचते हैं तो अधिकारियों और कर्मचारियों को उनके साथ सम्मान और शिष्टाचार से पेश आने, उनकी बात सुनने और सरकारी नियमों के तहत आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने को कहा गया है।
हालांकि, यदि कोई जनप्रतिनिधि किसी आपराधिक या अन्य मामले में दोषी ठहराया जा चुका है, किसी मामले में अपीलकर्ता या पक्षकार के रूप में जांच अथवा सुनवाई के लिए बुलाया गया है, या चुनाव संबंधी काम के लिए सरकारी कार्यालय पहुंचा है, तो अधिकारियों को उसके स्वागत में खड़े होने की जरूरत नहीं होगी।
इन परिस्थितियों में संबंधित अधिकारियों को कानून, नियम और परिस्थितियों के अनुसार जनप्रतिनिधि के साथ आम नागरिक की तरह व्यवहार करना होगा।
महीने में दो दिन तय होगा मुलाकात का समय
सरकार ने सभी क्षेत्रीय विभाग प्रमुखों और कार्यालय प्रमुखों को निर्देश दिया है कि नियमित मिलने के समय के अलावा हर महीने के पहले और तीसरे गुरुवार को दो घंटे का विशेष समय तय किया जाए। इस समय की सार्वजनिक रूप से जानकारी भी दी जाएगी, ताकि विधायक और सांसद अपने क्षेत्र से जुड़े कामकाज तथा समस्याओं पर अधिकारियों से मुलाकात कर सकें।
इसके अलावा, विधायकों और सांसदों की ओर से भेजे गए पत्रों का निर्धारित अवधि के भीतर जवाब देने के निर्देश भी दोहराए गए हैं।
सरकारी कार्यक्रमों में भी प्रोटोकॉल का पालन
सरकार ने भूमिपूजन और उद्घाटन जैसे आधिकारिक कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित करने के प्रोटोकॉल को भी दोहराया है। किसी जिले में ऐसे कार्यक्रम होने पर केंद्रीय और राज्य मंत्रियों, राज्य मंत्रियों, जिले के पालकमंत्री तथा सभी राजनीतिक दलों के निर्वाचित प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया जाना है।
इस सूची में विधायक, सांसद, महापौर, जिला परिषद और नगर परिषद के अध्यक्ष तथा सरपंच शामिल हैं। सरकार ने कहा है कि कार्यक्रमों में सभी जनप्रतिनिधियों के बैठने की व्यवस्था आधिकारिक प्रोटोकॉल के अनुसार सुनिश्चित की जानी चाहिए।
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