पुणे शिक्षक मतदारसंघ की उम्मीदवारी पर महायुति में घमासान, शिवसेना में दो दावेदार; शिंदे के फैसले पर नजर

सचिन सानप और मंगेश चिवटे दोनों ही उम्मीदवारी की तैयारी में हैं, जबकि नामांकन की अंतिम तारीख नजदीक आने से राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं।

राहुल गुप्ता

पुणे, 3 अक्टूबर। पुणे शिक्षक मतदारसंघ की उम्मीदवारी को लेकर महायुति में खींचतान के बीच शिवसेना में भी दो दावेदार सामने आए हैं। उद्योग मंत्री उदय सामंत के विशेष कार्यकारी अधिकारी सचिन सानप और एकनाथ शिंदे के चिकित्सा सहायता कक्ष के प्रमुख मंगेश चिवटे दोनों ही चुनाव लड़ने के इच्छुक बताए जा रहे हैं। ऐसे में महायुति की ओर से किसे उम्मीदवार बनाया जाएगा, इस पर नजर बनी हुई है।

उदय सामंत की मुलाकातों से बढ़ी हलचल

उदय सामंत ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात के बाद एकनाथ शिंदे से मिलने का प्रयास किया था। हालांकि, शिंदे नंदनवन में मौजूद नहीं थे, जिसके कारण दोनों की मुलाकात नहीं हो सकी और सामंत वहां से चले गए।

इस बीच, सचिन सानप के नाम को पुणे के स्थानीय भाजपा नेताओं और भाजपा समर्थकों का समर्थन होने का दावा किया जा रहा है। पुणे में किए गए एक स्थानीय सर्वे के हवाले से यह भी कहा जा रहा है कि सानप को उम्मीदवार बनाए जाने पर महायुति के उम्मीदवार की जीत की संभावना अधिक होगी। हालांकि, इस सर्वे के दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।

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मंगेश चिवटे भी तैयारी में जुटे

दूसरी ओर, मंगेश चिवटे ने भी उम्मीदवारी के लिए तैयारी तेज कर दी है। सूत्रों के मुताबिक, 3 अक्टूबर को उन्हें एकनाथ शिंदे के मार्गदर्शन में नामांकन दाखिल करने के निर्देश दिए गए हैं।

नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख नजदीक होने के कारण अब शिवसेना के इन दोनों दावेदारों में से किसे मौका मिलेगा, इस पर सबकी नजर है।

6 अक्टूबर तक दाखिल होगा नामांकन

पुणे शिक्षक मतदारसंघ चुनाव की अधिसूचना 29 सितंबर को जारी हो चुकी है। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख 6 अक्टूबर है। 7 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की जांच होगी, जबकि 9 अक्टूबर तक उम्मीदवार अपना नाम वापस ले सकेंगे।

मतदान 23 अक्टूबर को सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक होगा और मतगणना 27 अक्टूबर को होगी। चुनाव प्रक्रिया 31 अक्टूबर 2026 से पहले पूरी की जानी है।

जनवरी 2026 में जारी मतदाता सूची के अनुसार पुणे संभाग में 3 लाख 7 हजार 823 स्नातक और 51 हजार 750 शिक्षक मतदाता थे। इसके बाद हुई मतदाता पंजीकरण प्रक्रिया के कारण अंतिम मतदाता संख्या में बदलाव होने की संभावना है। स्नातक और शिक्षक मतदारसंघ के चुनाव में मतपत्र के जरिए पसंदीदा उम्मीदवारों का क्रम दर्ज किया जाता है।

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