265 तहसीलों में सूखा घोषित, किसानों को राहत देने के लिए सरकार के कई फैसले
मुंबई, 26 सितंबर। महाराष्ट्र की 358 में से 265 तहसीलों में सूखा घोषित कर राज्य के करीब 75 प्रतिशत हिस्से को सूखाग्रस्त घोषित करने का निर्णय महायुति सरकार ने लिया है। सरकार का उद्देश्य केवल किसानों के खेतों तक पहुंचकर संवेदना व्यक्त करना नहीं, बल्कि उन्हें आर्थिक सहायता और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना है। यह दावा भाजपा के प्रदेश मुख्य प्रवक्ता नवनाथ बन ने शुक्रवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित पत्रकार परिषद में किया।
किसानों को मिलेंगी कई रियायतें
नवनाथ बन ने कहा कि धाराशिव, लातूर और सोलापुर जिलों में किसानों की स्थिति गंभीर है। सूखा घोषित होने के बाद किसानों को भूमि राजस्व में छूट मिलेगी तथा फसल ऋण का पुनर्गठन किया जाएगा। कृषि संबंधी ऋण की वसूली पर भी रोक लगाई जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार पहले ही बिना किसी चुनाव के किसानों के लिए कर्जमाफी की घोषणा कर चुकी है। जिन किसानों को कर्जमाफी का लाभ नहीं मिलेगा, उनके ऋण की वसूली पर भी रोक लगाने का निर्णय लिया गया है।
उन्होंने बताया कि कृषि पंपों के बिजली बिल की वसूली में भी राहत दी जाएगी। 7.5 एचपी तक के कृषि पंपों के लिए किसानों से बिजली बिल नहीं लिया जाता है। सूखे के कारण जलस्तर नीचे जाने की स्थिति को देखते हुए 7.5 एचपी से अधिक क्षमता वाले कृषि पंपों के बिजली बिल में भी राहत देने और उनकी वसूली रोकने पर निर्णय लिया जाएगा।
विद्यार्थियों की परीक्षा फीस माफ
सूखाग्रस्त क्षेत्रों के स्कूल और कॉलेज विद्यार्थियों की परीक्षा फीस पूरी तरह माफ की जाएगी। वहीं, रोजगार हमी योजना के नियमों में आवश्यक ढील देकर अधिक से अधिक रोजगार उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा, ताकि प्रभावित परिवारों को आय का साधन मिल सके।
जरूरत वाले क्षेत्रों में टैंकर और चारा शिविर
बन ने कहा कि जिन क्षेत्रों में आवश्यकता होगी, वहां पीने के पानी के लिए टैंकर शुरू किए जाएंगे। जायकवाड़ी जैसे बड़े बांधों में फिलहाल पर्याप्त जलसंचय है, लेकिन जरूरत पड़ने पर टैंकरों के माध्यम से पानी पहुंचाया जाएगा। सूखाग्रस्त गांवों में किसानों के कृषि पंपों के बिजली कनेक्शन नहीं काटे जाएंगे और बिजली आपूर्ति सुचारु रखने के लिए विशेष व्यवस्था की जाएगी।
उन्होंने बताया कि खेत मजदूरों को खाद्यान्न की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। पशुओं के चारे और पानी की समस्या को देखते हुए आवश्यकता वाले क्षेत्रों में चारा शिविर शुरू करने के निर्देश जिलाधिकारियों को दिए गए हैं।
जलसंधारण पर भी जोर
भाजपा नेता ने कहा कि सूखे की समस्या से स्थायी रूप से निपटने के लिए बड़े पैमाने पर जलसंधारण के कार्य किए जाएंगे। वर्ष 2016 के सूखे के दौरान जलयुक्त शिवार योजना के तहत बड़े पैमाने पर काम किए गए थे, जिसका लाभ राज्य को मिला। अब इन कार्यों को आगे बढ़ाते हुए मराठवाड़ा और विदर्भ में सूखे की समस्या को स्थायी रूप से कम करने के प्रयास किए जाएंगे।
विपक्ष पर साधा निशाना
नवनाथ बन ने विपक्ष पर भी निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष किसानों के बीच दिखाई नहीं दिया, जबकि सरकार किसानों के खेतों तक पहुंची और सूखा घोषित कर राहत उपायों की घोषणा की। उन्होंने कहा कि महायुति सरकार किसानों के साथ मजबूती से खड़ी है और संकट की इस घड़ी में उन्हें हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
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